जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया है। कुलपति, कुलसचिव और विद्यार्थियों के बीच हुई बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। छात्रों की ओर से प्रशासन को तीन लिखित मांगें सौंपी गई थीं। इनमें छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने की समयसीमा, चुनाव कराने के नियम और आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने जैसे मुद्दे शामिल थे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर महताब आलम रिजवी ने बताया कि प्रशासन ने इन मांगों पर सहमति जताई है। इस घटनाक्रम के बाद परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब विद्यार्थियों की नजर चुनाव से संबंधित तय प्रक्रिया और प्रशासन की ओर से किए जाने वाले अगले कार्यों पर रहेगी।
छात्र संघ के संविधान का मसौदा मई तक तैयार करने की तैयारी
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विद्यार्थियों की पहली मांग छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने से संबंधित थी। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए 15 मई 2027 की समयसीमा स्वीकार की गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित तारीख तक मसौदे को अंतिम रूप देने का काम पूरा किया जाएगा।
छात्रों की दूसरी प्रमुख मांग चुनाव कराने के नियमों से जुड़ी थी। विद्यार्थियों ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया था। प्रशासन ने इस मांग को भी स्वीकार करने की बात कही है। इन सिफारिशों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर छात्र संघ चुनाव कराने का प्रावधान शामिल है। इस सहमति को चुनाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों पर हुई कार्रवाई वापस
प्रदर्शनकारी छात्रों की तीसरी मांग उन विद्यार्थियों को लेकर थी, जिनके खिलाफ आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय ने अनुशासनात्मक कदम उठाए थे। इनमें निष्कासन, निलंबन और कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाइयां शामिल थीं। कुलसचिव के मुताबिक, प्रशासन ने इस श्रेणी में आने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने पर सहमति दी है। इस फैसले से उन विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आंदोलन के दौरान कार्रवाई का सामना कर रहे थे।
प्रशासन ने विद्यार्थियों से संस्थान के हित में सहयोग बनाए रखने की अपील भी की है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि सभी पक्षों को मिलकर शैक्षणिक माहौल और संस्थान की प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।
दो नवंबर से परिसर में लौटेगी नियमित पढ़ाई
विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दो नवंबर से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑफलाइन तरीके से संचालित होंगी। संबंधित विभागों और संकायों की समय-सारणी के अनुसार विद्यार्थियों को परिसर में उपस्थित होकर पढ़ाई करनी होगी।
मिड-सेमेस्टर, एंड-सेमेस्टर और अन्य निर्धारित परीक्षाएं भी ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों के लिए नियमित उपस्थिति और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
विभागों को व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने डीन, विभागाध्यक्षों और केंद्र निदेशकों को कक्षाओं तथा परीक्षाओं के संचालन के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। इसमें कक्षाओं की उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था और निगरानी से संबंधित तैयारियां शामिल हैं।
यह आदेश कुलपति की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है। भूख हड़ताल समाप्त होने के साथ अब विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। हालांकि, छात्र संघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया और उसके क्रियान्वयन पर आगे की प्रगति महत्वपूर्ण बनी रहेगी।












