नई दिल्ली: NEET-UG 2026 की OMR शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे छह उम्मीदवारों को फिलहाल राहत नहीं मिली है. छात्रों ने आरोप लगाया था कि परीक्षा में उन्होंने जिन विकल्पों को चिह्नित किया था, वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से उपलब्ध कराई गई OMR शीट में अलग दिखाई दे रहे हैं. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उम्मीदवारों को दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह दी.
छात्रों ने क्या की थी मांग?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छात्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि छह उम्मीदवार दोबारा आयोजित NEET परीक्षा में शामिल हुए थे. उनका मामला दूसरे मामलों से अलग है और उनकी मांग केवल मूल OMR शीट की कॉपी उपलब्ध कराने तक सीमित है.
वकील के मुताबिक, मूल OMR शीट मिलने पर छात्र अपने दर्ज किए गए उत्तरों और मिले अंकों का मिलान कर सकेंगे. उन्होंने अदालत को बताया कि NEET की काउंसलिंग प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, इसलिए मामले पर जल्द सुनवाई जरूरी है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं दी राहत?
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि NEET और NTA से जुड़े कई मामले पहले से अदालत के सामने लंबित हैं. कोर्ट इस समय परीक्षा व्यवस्था और NTA में संस्थागत सुधार से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी विचार कर रहा है.
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. अदालत ने उम्मीदवारों को अपनी शिकायत लेकर दिल्ली हाई कोर्ट जाने को कहा और मौजूदा याचिका खारिज कर दी.
पहले भी NTA से की गई थी शिकायत
सुनवाई के दौरान छात्रों के वकील ने बताया कि सभी छह उम्मीदवारों के अंक 600 से अधिक हैं. छात्रों ने कथित OMR विसंगति को लेकर NTA को कई ईमेल भेजे और उसके कार्यालय जाकर भी शिकायत की थी. उनका कहना था कि वहां से समाधान नहीं मिलने के बाद उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा.
NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई
NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. केंद्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे पर याचिकाकर्ताओं से जवाब मांगा गया है. इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित है.












