नई दिल्ली: अमेरिका के H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर अब रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस व्यवस्था में कथित धोखाधड़ी और विदेशी कर्मचारियों के शोषण पर चिंता जताते हुए अमेरिकी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मैककॉर्मिक ने 6 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, श्रम मंत्री कीथ ई. सोंडरलिंग और होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री मार्कवेन मुलिन को पत्र लिखा।
H-1B सिस्टम के दुरुपयोग का आरोप
जॉर्जिया के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले मैककॉर्मिक ने कहा कि वह वर्क-बेस्ड नॉन-इमिग्रेंट वीजा कार्यक्रमों में होने वाले कथित दुरुपयोग की जांच के प्रशासन के प्रयासों का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक H-1B व्यवस्था का उद्देश्य उन अमेरिकी कंपनियों की मदद करना था, जिन्हें देश के भीतर किसी खास क्षेत्र में जरूरी और कुशल कर्मचारी नहीं मिल पाते। 1990 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत बनाए गए इस कार्यक्रम के जरिए कंपनियों को कुछ विशेष और हाई-स्किल वाली नौकरियों के लिए अस्थायी तौर पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति मिलती है।
Let me be clear. I support legal immigration. Programs like H-1B help America attract some of the best and brightest talent in the world. But a program only works if it’s honest. Fraud doesn’t just cheat the system. It cheats the people who did it the right way. That’s why I’m calling for an investigation.
— Congressman Rich McCormick, MBA MD (@RepMcCormick) October 6, 2026
कम वेतन पर काम कराने का आरोप
सांसद ने दावा किया कि कुछ नियोक्ता H-1B कर्मचारियों की वीजा स्थिति से जुड़ी निर्भरता का फायदा उठा सकते हैं। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों पर बाजार की तुलना में कम वेतन पर काम करने या खराब परिस्थितियों को स्वीकार करने का दबाव पड़ने की आशंका है।
मैककॉर्मिक के मुताबिक इसका असर केवल विदेशी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह सकता। इससे अमेरिकी श्रम बाजार में वेतन पर दबाव बढ़ने के साथ स्थानीय नौकरी तलाशने वालों, खासकर कॉलेज से हाल ही में निकले युवाओं के लिए भी प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
GA-07 में जांच तेज करने की मांग
मैककॉर्मिक ने अपने संसदीय क्षेत्र GA-07 और आसपास के इलाकों को लेकर विशेष चिंता जाहिर की। उन्होंने मतदाताओं से मिली शिकायतों, संबंधित लोगों से हुई बातचीत और हाल की संघीय जांच के आधार पर H-1B से जुड़े संभावित फ्रॉड की विस्तृत जांच की जरूरत बताई। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी, श्रम विभाग और विदेश विभाग सहित संबंधित एजेंसियों से कार्रवाई तेज करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने जरूरत पड़ने पर कानून बनाने और संघीय व राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल में सहयोग देने की बात भी कही।












