नई दिल्ली: राजधानी की तेज रफ्तार सड़क पर मंगलवार को उस वक्त फिल्मी सा दृश्य देखने को मिला, जब एनएच-24 पर बाइक सवार एक युवक अचानक लड़खड़ाकर सड़क किनारे रुक गया। कुछ ही पलों में युवक की हालत बिगड़ने लगी। आसपास से वाहन गुजर रहे थे लेकिन पूर्वी जिले की गाजीपुर थाना पुलिस ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाल लिया। पुलिसकर्मियों की तत्परता और समय पर लिए गए फैसले ने युवक को अस्पताल तक पहुंचाया और उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
पूर्वी जिला डीसीपी राजीव कुमार रावल की निगरानी और गाजीपुर थाना एसएचओ के नेतृत्व में पुलिस टीम एनएच-24 पिकेट पर तैनात थी। ड्यूटी पर हेड कांस्टेबल बिपिन संख्या 927/ई, हेड कांस्टेबल अरविंद संख्या 814/ई, हेड कांस्टेबल जितेंद्र संख्या 564/ई, हेड कांस्टेबल अशोक, हेड कांस्टेबल रामगोपाल, डीएचजी रणजीत समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।
करीब सुबह 11:15 बजे पुलिसकर्मियों की नजर टीवीएस मोटरसाइकिल संख्या डीएल-14 एसजेड-8812 पर पड़ी। बाइक सवार युवक अचानक लड़खड़ाते हुए सड़क किनारे रुक गया। देखते ही देखते उसकी हालत ऐसी हो गई कि वह बेसुध होने लगा। स्थिति को भांपते ही पुलिसकर्मी तुरंत उसकी ओर दौड़े और उसे संभाला।
फिल्मी अंदाज में शुरू हुआ ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’
पुलिसकर्मियों ने युवक की हालत देखकर तत्काल प्राथमिक सहायता दी। प्रथम दृष्टया उसे हृदय संबंधी परेशानी होने की आशंका नजर आई। ऐसे समय में हर सेकंड कीमती था। पुलिस टीम ने औपचारिकताओं में समय गंवाने के बजाय तत्काल युवक को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। हेड कांस्टेबल बिपिन ने अपनी निजी कार निकाली और हेड कांस्टेबल अरविंद तथा डीएचजी रणजीत के साथ युवक को लेकर सीधे एलबीएस अस्पताल की आपातकालीन इकाई की ओर रवाना हो गए।
सड़क पर दौड़ती कार और उसमें जिंदगी के लिए जूझता युवक यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्म के रेस्क्यू सीन से कम नहीं था, लेकिन इस कहानी का सबसे अहम हिस्सा यह था कि यहां कोई पर्दे का हीरो नहीं, बल्कि वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे थे। अस्पताल पहुंचते ही युवक को चिकित्सकों के हवाले किया गया। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। पुलिस की ओर से समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने को युवक के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया।
साहिबाबाद का रहने वाला है युवक
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान करीब 30 वर्षीय नितिन निवासी साहिबाबाद के रूप में हुई। युवक के परिजनों को सूचना दी गई। कुछ समय बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस टीम ने युवक की मोटरसाइकिल दो मोबाइल फोन और बैग भी सुरक्षित रखे और बाद में उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में गाजीपुर थाना पुलिसकर्मियों ने न केवल कानून-व्यवस्था की ड्यूटी निभाई बल्कि संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। सड़क पर अचानक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे युवक के लिए पुलिस की तत्परता निर्णायक साबित हुई। पुलिस ने साबित कर दिखाया कि वर्दी सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती जरूरत पड़े तो जिंदगी की डोर भी थाम लेती है।
Reported by: Pankaj Rai











