पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर संपत्तियों की जांच को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पार्टी के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार की संपत्तियां इस वक्त जांच के दायरे में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारी और इंजीनियर पिछले कुछ दिनों से अपने प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को बारीकी से खंगाल रहे हैं. हालांकि, इस पूरी कवायद को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि छुट्टी के दिन रविवार को भी निगम के दफ्तरों में फाइलों की स्क्रूटनी का काम जारी रहा.
रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों और इंजीनियरों को शीर्ष स्तर से आदेश दिए गए हैं कि वे नगर निगम के प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच करें. इस अभियान के तहत सबसे पहले नगर निगम के एसेसमेंट डिपार्टमेंट ने अपने कागजातों को खंगाला और वहां से अभिषेक बनर्जी, उनके माता-पिता और उनके परिवार के नाम पर दर्ज संपत्तियों के पते व मकान नंबर निकाले. इसके बाद, यह सूची नगर निगम के ही भवन निर्माण विभाग को सौंप दी गई है. अब यह विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि संबंधित संपत्तियों और इमारतों के निर्माण के लिए सरकारी नियमों के तहत नक्शा पास कराया गया था या नहीं. सूत्रों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पिछले हफ्ते से ही बेहद गोपनीय तरीके से चल रही है.
‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी आई जांच के घेरे मे
इस पूरी जांच के केंद्र में ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नाम की एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. जिसका सीधा कनेक्शन सांसद अभिषेक बनर्जी से बताया जा रहा है. विरोधियों का आरोप है कि इस कंपनी के तार राज्य के शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े हो सकते हैं. टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि उनके खिलाफ की जा रही यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और उन्हें बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली को संबोधित करते हुए इस मामले में एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी की संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें मिल चुकी हैं. मुख्यमंत्री अधिकारी ने जनसभा में कहा मैंने कोलकाता नगर निगम से रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद मुझे दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में स्थित इस कंपनी के एक आलीशान कार्यालय समेत कुल 24 संपत्तियों का पूरा विवरण मिल चुका है. अब मेरे पास ‘भतीजे’ की संपत्तियों की पूरी सूची है और बहुत जल्द ही इन सभी की आधिकारिक तौर पर व्यापक जांच शुरू कराई जाएगी. इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद बंगाल में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. अब देखना यह होगा कि नगर निगम की इस जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं.














