डेटिंग ऐप्स से हुआ मोहभंग तो AI से करने लगे प्यार! क्या इंसानों से बेहतर पार्टनर बन रहे हैं चैटबॉट?

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नई दिल्ली: कभी डेटिंग ऐप्स को मनपसंद साथी खोजने का आसान जरिया माना जाता था, लेकिन अब कई लोग इनसे परेशान होने लगे हैं। घंटों तक मैसेज का जवाब न मिलना, बातचीत शुरू होते ही सामने वाले का गायब हो जाना और हर बार खुद ही बात आगे बढ़ाने की कोशिश करना आम अनुभव बन गए हैं। ऐसे में कुछ लोग अब इंसानी साथी के बजाय AI चैटबॉट्स से भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगे हैं। AI पार्टनर हर समय बातचीत के लिए उपलब्ध रहते हैं। वे यूजर की पसंद याद रख सकते हैं, फ्लर्ट कर सकते हैं और बिना थके उनकी बातें सुनते हैं। यही सुविधा कुछ लोगों को उनकी ओर आकर्षित कर रही है।

AI के साथ रोमांटिक रिश्तों का चलन दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। दिसंबर 2025 में Reuters ने जापान की युरिना नोगुची की कहानी बताई थी, जिन्होंने ChatGPT की मदद से बनाए गए AI किरदार के साथ प्रतीकात्मक शादी की थी। हालांकि, इसे कानूनी विवाह का दर्जा नहीं मिला। Computers in Human Behavior: Artificial Humans में प्रकाशित एक अध्ययन ‘Love, Marriage, Pregnancy: Commitment Processes in Romantic Relationships with AI Chatbots’ में भी ऐसे रिश्तों को समझने की कोशिश की गई। इसके मुताबिक, कुछ यूजर AI चैटबॉट्स के साथ अपने जुड़ाव को गंभीरता से लेते हैं। हालांकि, सीमित लोगों पर हुए अध्ययन से इस चलन की व्यापकता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

हर बात पर सहमति जताना भी हो सकता है नुकसानदायक

AI पार्टनर की एक खासियत यह है कि वे अक्सर यूजर की बात का समर्थन करते हैं। लेकिन क्या हर समय सहमति मिलना रिश्तों के लिए अच्छा है? मार्च 2026 में Science जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में 11 AI मॉडल का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि AI ने इंसानों के जवाबों की तुलना में यूजर की बातों का 49 फीसदी ज्यादा समर्थन किया। 2,405 लोगों पर किए गए प्रयोगों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा सहमति मिलने से व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार करने और रिश्तों में सुधार करने से बच सकता है। यानी AI से सलाह लेने पर हर बार सही नजरिया मिले, यह जरूरी नहीं।

रिश्तों के फैसले AI की सलाह पर लेना कितना सही?

CHI 2026 में पेश ‘Chat, Should I Leave Him? Risks, Rewards, and Roles for AI in Relationship Advice’ नाम के अध्ययन में भी रिश्तों से जुड़े फैसलों में AI की भूमिका और जोखिमों पर चर्चा की गई। AI मुश्किल भावनाओं को शब्द देने और दूसरे नजरिए से सोचने में मदद कर सकता है, लेकिन उसे किसी रिश्ते की पूरी कहानी पता नहीं होती। कुछ लोग AI को मनोरंजन या भावनात्मक सहारे के रूप में देखते हैं, जबकि कुछ इसे रोमांटिक रिश्ता मानते हैं। अनिका, दृष्टिका और मायाना के अनुभव भी बताते हैं कि हर व्यक्ति के लिए इसका मतलब अलग हो सकता है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि AI का जवाब देना प्यार महसूस करने के बराबर नहीं है।

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