'शुक्रवार तक 12 लोगों को निकालो', Excel शीट में नाम देखकर टूट गया चेन्नई के IT मैनेजर का दिल

0
8

नई दिल्ली: चेन्नई के एक आईटी मैनेजर के Reddit पोस्ट ने छंटनी का भावुक पहलू सामने रखा है। पोस्ट के मुताबिक, कंपनी के सीनियर अधिकारियों ने उसे 12 कर्मचारियों की सूची देकर शुक्रवार तक सभी को नौकरी से हटाने का निर्देश दिया। हर कर्मचारी से बातचीत के लिए करीब 15 मिनट तय किए गए थे।

मैनेजर के मुताबिक, ये कर्मचारी उसके लिए सिर्फ टीम के सदस्य नहीं थे। वह 2016 से उनके साथ काम कर रहा था। प्रोडक्शन में दिक्कत आने पर टीम कई बार रात तीन बजे तक ऑफिस में रुकी। साथ खाना खाना, चाय पीना और एक-दूसरे की शादियों में शामिल होना उनकी जिंदगी का हिस्सा था। कर्मचारी उसे ‘अन्ना’ यानी बड़ा भाई कहते थे। वह उनके परिवारों को भी जानता था। कंपनी की जरूरत पड़ने पर इन लोगों ने वीकेंड और छुट्टियों में भी काम किया था। अब मैनेजर को ही उन्हें नौकरी खत्म होने की खबर देनी थी।

किसी पर होम लोन, किसी के घर में बीमारी

पोस्ट में मैनेजर ने कर्मचारियों की निजी परेशानियों का जिक्र किया। एक वरिष्ठ डेवलपर ने चार महीने पहले बड़ा होम लोन लिया था। दूसरे कर्मचारी की मां कैंसर का इलाज करा रही थीं और परिवार कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस पर निर्भर था। वहीं, एक कर्मचारी की पत्नी अगले महीने बच्चे को जन्म देने वाली थी। मैनेजर ने सवाल किया कि वह शुक्रवार को इन लोगों से कैसे कहेगा कि उनका ऑफिस एक्सेस बंद हो गया है और वे सामान समेटकर घर चले जाएं।

फैसले बड़े अधिकारियों के, सामना मैनेजर को

मैनेजर ने कहा कि छंटनी का फैसला सीनियर अधिकारी लेते हैं, लेकिन कर्मचारियों को इसकी जानकारी देने और उनकी प्रतिक्रिया का सामना करने की जिम्मेदारी मैनेजरों को मिलती है। उसने नौकरी छोड़ने के बारे में भी सोचा, लेकिन पत्नी ने समझाया कि उसकी जगह कोई दूसरा यह काम करेगा और परिवार की आमदनी भी प्रभावित होगी।

Reddit पर सरकारी और प्राइवेट नौकरी की बहस

पोस्ट के बाद यूजर्स के बीच नौकरी की सुरक्षा पर चर्चा शुरू हो गई। कुछ ने सरकारी नौकरी को सुरक्षित विकल्प बताया, जबकि दूसरों ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में बेहतर वेतन और अवसरों के साथ नौकरी जाने का जोखिम भी रहता है। एक यूजर ने कहा कि सरकारी नौकरी में भी जवाबदेही जरूरी है और काम न करने वालों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

इस पोस्ट ने छंटनी के मानवीय पहलू पर सवाल खड़े किए हैं। कंपनी के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाना कारोबारी फैसला हो सकता है, लेकिन इसका असर नौकरी गंवाने वालों और उन्हें यह खबर देने वाले मैनेजर, दोनों पर पड़ता है। पोस्ट में कंपनी और मैनेजर की पहचान नहीं बताई गई है। दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here