वृंदावन: प्रयागराज जिले से सात दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए ग्राम प्रधान जानकीनाथ यादव को पुलिस ने वृंदावन में संत प्रेमानंद के आश्रम के पास से सकुशल बरामद कर लिया। ग्राम प्रधान के लापता होने पर परिजनों ने अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। उनकी तलाश में प्रयागराज पुलिस की 13 टीमें लगाई गई थीं। मोबाइल की लोकेशन मिलने के बाद प्रयागराज पुलिस वृंदावन पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई।
सात दिन पहले घर से अचानक लापता हुए
प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र के मनसैता गांव निवासी ग्राम प्रधान जानकीनाथ यादव करीब सात दिन पहले घर से अचानक लापता हो गए थे। बताया गया कि वह घर से बनियान और लुंगी पहनकर निकले थे। इसके बाद कछार के रास्ते फाफामऊ पहुंचे और फिर लखनऊ होते हुए आगरा के रास्ते मथुरा पहुंच गए।
इस दौरान उन्होंने अपने चपरासी समेत तीन लोगों से बातचीत भी की। बताया गया कि उन्होंने सफर के दौरान अपना मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया था। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने थरवई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में अपहरण कर हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया।
नए सिमकार्ड की लोकेशन से मिली सफलता
पुलिस की जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान ने अपने आधार कार्ड के जरिए नया सिमकार्ड लिया था। इसी सिमकार्ड की लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस वृंदावन पहुंची। सर्विलांस और अन्य पुलिस टीमों की मदद से संत प्रेमानंद के आश्रम के पास उनकी तलाश पूरी हुई। पूछताछ में पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव में होने की बात भी सामने आई है। उनके भाई छत्रपाल, जो हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी हैं, की तहरीर पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की थी।
वृंदावन पुलिस का बयान
वहीं, वृंदावन की रमणरेती चौकी प्रभारी शुभांशु यादव ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय थाने में कोई मामला पंजीकृत नहीं हुआ है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर प्रयागराज पुलिस की टीम सीधे मौके पर पहुंची और ग्राम प्रधान को सकुशल अपने साथ लेकर चली गई।











