एक लाख की रिश्वत लेते ग्राम पंचायत सचिव गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा

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मथुरा: विकास कार्यों के बकाया भुगतान के एवज में कमीशन मांगना गोवर्धन विकास खंड की ग्राम पंचायत अड़ींग के सचिव को भारी पड़ गया। आगरा सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने ग्राम पंचायत सचिव मनीष भंडारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते शुक्रवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि सचिव ने ठेकेदार से बकाया भुगतान कराने के नाम पर 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने आरोपी सचिव को निलंबित कर दिया है।

विकास कार्यों का बकाया और 30 प्रतिशत कमीशन की मांग             

ग्राम पंचायत अड़ींग में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान सीसी सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग और पार्क निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्य कराए गए थे। इन कार्यों पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इनमें ठेकेदार परवेज अहमद का करीब 30 लाख रुपये का भुगतान बकाया रह गया था। आरोप है कि इसी भुगतान को कराने के एवज में ग्राम पंचायत सचिव मनीष भंडारी ने ठेकेदार से 30 प्रतिशत कमीशन मांगा था। इसमें एक लाख रुपये अग्रिम और शेष आठ लाख रुपये भुगतान होने के बाद देने की बात तय हुई थी।

ठेकेदार की शिकायत पर विजिलेंस ने बिछाया जाल

सचिव की इस मांग से परेशान ठेकेदार परवेज अहमद ने पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान आगरा सेक्टर से लिखित शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर शुक्रवार को ट्रैप टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत ठेकेदार ने जैसे ही ग्राम पंचायत सचिव को एक लाख रुपये दिए, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद एफआईआर और निलंबन, विभाग में खलबली  

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी सचिव को अपने साथ ले गई। उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के आगरा थाने में भ्रष्टाचार से संबंधित सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है। वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई से विकास कार्यों में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर विभाग में खलबली मच गई है।

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