नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले ली है, जिसमें इमरान खान को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट की आपत्तियों के बाद सरकार ने वापस ली याचिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया. हालांकि, बताया जा रहा है कि आपत्तियों को दूर करने के बाद सरकार इस मामले में दोबारा पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकती है.
सरकार ने अपनी याचिका में अस्पताल में कैदियों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे. उसका तर्क था कि ऐसे मामलों में जेल प्रशासन और संबंधित सरकारी अधिकारियों की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे इलाज के निर्देश
पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के स्वास्थ्य की जांच और इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया था. अदालत ने यह भी कहा था कि उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान और उनकी बहन डॉ. उज़मा खान को मेडिकल मूल्यांकन और उपचार की प्रक्रिया में शामिल किया जाए.
अदालत ने अधिकारियों को इमरान खान को पर्याप्त सुरक्षा के साथ अस्पताल ले जाने के लिए जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया था. उनके इलाज का खर्च परिवार की ओर से उठाए जाने की बात भी सामने आई थी.
2023 से जेल में हैं इमरान खान
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई कानूनी मामले चल चुके हैं. इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं. अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटने के बाद से पाकिस्तान की राजनीति में उनका मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है. अस्पताल ट्रांसफर को लेकर सरकार के अपील वापस लेने के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.












