नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के विमान को हादसे से बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। यूएई, भारत, इजरायल से लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक उनकी जांबाजी को सलाम कर चुके हैं। लेकिन इस बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की खामोशी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने ममदानी की चुप्पी पर किया सवाल
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स पूछ रहे हैं कि जब एक भारतीय पायलट ने सैकड़ों जानें बचाईं तो ममदानी ने अब तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। यूएई के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अमजद ताहा ने एक्स पर लिखा, “यह परेशान करने वाली बात है कि ममदानी ने हमास से जुड़े एक शख्स को पत्रकार का दर्जा दिया, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी पर कुछ नहीं बोले, जबकि यूएई, ट्रंप, भारत और इजरायल ने उनकी तारीफ की है। आखिर ये चुप्पी क्यों?” लोगों का कहना है कि ममदानी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और गाजा जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन इस घटना पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
हालांकि, चर्चा सिर्फ ममदानी तक सीमित नहीं है। कई यूजर्स का दावा है कि अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में खुद को लिबरल कहने वाले एक बड़े वर्ग ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। वहीं कुछ वामपंथी और कट्टरपंथी अकाउंट्स इस घटना को ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ बता रहे हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
स्वीडन के पूर्व डिप्लोमेट ने की टिप्पणी
स्वीडन के पूर्व डिप्लोमेट वोल्फगैंग रिक्टर ने भी इस पर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि अगर कैप्टन मच्छार ने फ्लाईदुबई विमान को ब्रिटेन में उतारा होता तो उन पर धार्मिक रीति-रिवाज में दखल का आरोप लगाकर कार्रवाई की बात कही जाती।
बता दें कि इस मामले में सह-पायलट हमाम अल-हममी पर जिहादी मानसिकता के आरोप लग रहे हैं। ममदानी के आलोचकों का कहना है कि वह ‘डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका’ से जुड़े हैं और उनकी राजनीति फिलिस्तीन समर्थक मंच पर टिकी है। ऐसे में अगर वह इस आतंकी घटना की निंदा करते हैं और भारतीय कैप्टन का समर्थन करते हैं तो उनका एक खास वोट बैंक नाराज हो सकता है। इसी वजह से उनकी चुप्पी पर और ज्यादा सवाल खड़े हो रहे हैं।












