व्हाट्सएप पर गांजे का ऑनलाइन कारोबार, डिलीवरी के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों का लेते थे सहारा!

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नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में नशे के सौदागरों ने गांजा तस्करी के लिए डिजिटल दुनिया को अपना नया हथियार बना लिया था। व्हाट्सएप पर ऑर्डर, मोबाइल पर लोकेशन और ऑनलाइन भुगतान के जरिए दिल्ली-एनसीआर के फ्लैटों, पीजी, हॉस्टलों और कॉलेजों तक गांजे की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने ऐसा तरीका अपनाया था कि पहली नजर में किसी को उन पर शक तक न हो। ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के नाम छपे पैकेटों में गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचाई जाती थीं। हालांकि, नोएडा पुलिस ने इस नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 12 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

नोएडा पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी प्रीति यादव ने बताया कि 4 नवंबर को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने स्थानीय खुफिया जानकारी और बीट पुलिसिंग की मदद से मेडिसन कट सेक्टर-57 नोएडा के पास कार्रवाई करते हुए सुमित राघव को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद बैग से ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी के नाम छपे छोटे-छोटे पैकेट बरामद हुए। जब इन पैकेटों को खोलकर जांच की गई तो उनमें 1 किलो 900 ग्राम पत्तीदार गांजा मिला। पैकेटों के अंदर छिपा नशे का यह कारोबार पुलिस के सामने खुलने लगा।

व्हाट्सएप पर ऑर्डर, लोकेशन के हिसाब से सप्लाई

पूछताछ में सुमित राघव ने पुलिस को बताया कि गांजा उसे उसका साथी मनीष कुमार झा उपलब्ध कराता था। इसके बाद वह दिल्ली-एनसीआर में गांजे की मांग करने वाले ग्राहकों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करता था। ग्राहक अपनी लोकेशन भेजते थे और उसी के आधार पर फ्लैटों, पीजी, हॉस्टलों तथा कॉलेजों में पढ़ने वाले युवकों तक गांजे की सप्लाई पहुंचाई जाती थी। गांजे की बिक्री से मिलने वाली रकम ऑनलाइन माध्यम से मनीष कुमार झा तक पहुंचाई जाती थी।

तस्करी के इस तरीके में सबसे चौंकाने वाली बात पैकेजिंग थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी गांजे को 25 से 30 ग्राम के छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर रखते थे। इन पर ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के नाम छपे होते थे, ताकि मोटरसाइकिल से पैकेट पहुंचाते समय किसी को शक न हो और उनकी गतिविधियां सामान्य डिलीवरी जैसी दिखाई दें।

टेक्निकल इंजीनियर के पास मिला 10 किलो से ज्यादा गांजा

सुमित से पूछताछ के दौरान मुख्य सप्लायर के रूप में मनीष कुमार झा का नाम सामने आया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसे ईएसआई कॉलोनी, सेक्टर-56 नोएडा के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 10 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, मनीष कुमार झा पेशे से टेक्निकल इंजीनियर है। इस मामले में आरोपियों का एक अन्य साथी अमित भी सामने आया है, जो पहले से गांजा तस्करी के एक मामले में गुवाहाटी (असम) की जेल में बंद है।

दो आरोपी गिरफ्तार, 42 पैकेट भी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित राघव (36), निवासी मूल रूप से ग्राम भोजपुर, थाना बहजोई, जिला संभल और वर्तमान निवासी सरस्वती विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद तथा मनीष कुमार झा (33), मूल निवासी ग्राम कल्याणपुर, थाना विभूतिपुर, जिला समस्तीपुर, बिहार और वर्तमान निवासी सैनिक विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद के रूप में की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 12 किलो 200 ग्राम गांजा, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल नंबर यूपी16ईके-8771, सुमित के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन, मनीष के कब्जे से एक रेडमी मोबाइल फोन और 42 छपे हुए पैकेट बरामद किए हैं।

एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना सेक्टर-58 नोएडा में मुकदमा संख्या 385/2026, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप संपर्कों, ऑनलाइन भुगतान और गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। प्रीति यादव ने बताया कि थाना सेक्टर- 58 पुलिस ने ऑनलाइन व्हाट्सएप के माध्यम से गांजे की तस्करी और बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 12 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा समेत तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

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