अमेरिका का मानवरहित यू-हॉक हेलीकॉप्टर दुश्मनों की बढ़ाएगा मुश्किलें, बिना पायलट करेगा खतरनाक मिशन

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युद्ध के मैदान में तकनीक की भूमिका लगातार बदल रही है और इसी दिशा में अमेरिका ने यू-हॉक नाम का नया हेलीकॉप्टर विकसित किया है। विमान निर्माता कंपनी सिकोरस्की एयरक्राफ्ट का यह S-70UAS मॉडल ब्लैक हॉक का ऐसा संस्करण है, जिसे पारंपरिक पायलट के बिना संचालित करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें कॉकपिट हटाकर सामान रखने की जगह बढ़ाई गई है। कंपनी के अनुसार, इससे कार्गो क्षमता में करीब 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हेलीकॉप्टर को जमीन पर मौजूद ऑपरेटर या कंप्यूटर आधारित प्रणाली के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।

इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में सैन्य कार्यों को अंजाम देना है, जहां सैनिकों या पायलटों की मौजूदगी जोखिम भरी हो सकती है। इसकी वास्तविक क्षमता और विभिन्न अभियानों में उपयोगिता की पुष्टि तकनीकी परीक्षणों और आगे के विकास से ही होगी।

कॉकपिट हटाकर सामान ले जाने की क्षमता बढ़ाई

यू-हॉक में सबसे बड़ा बदलाव इसके डिजाइन में किया गया है। पायलटों के बैठने की जगह हटाकर अधिक कार्गो रखने की सुविधा बनाई गई है। कंपनी के मुताबिक, इसमें खुलने-बंद होने वाले विशेष दरवाजे और कार्गो रैंप दिए गए हैं, जिनकी मदद से भारी सामान लोड करना और उतारना आसान हो सकता है। दावा है कि यह हेलीकॉप्टर अंदर या बाहर लटकाकर 10,000 पाउंड तक का सामान ले जाने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल सैन्य आपूर्ति के अलावा बिना ड्राइवर वाले जमीनी वाहनों और दूसरे जरूरी उपकरणों को पहुंचाने में भी किया जा सकता है।

दुर्गम इलाकों में सैनिकों तक पहुंचाएगा जरूरी सामान

सिकोरस्की के मुताबिक, यू-हॉक को अलग-अलग तरह के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल करने की योजना है। इसमें सैनिकों तक राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना शामिल है। इसके अलावा, विरोधी क्षेत्र में निगरानी करने और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने हथियारों और रॉकेट प्रणालियों को ले जाने जैसी संभावनाओं का भी उल्लेख किया है। ऐसी क्षमताएं उन इलाकों में सैन्य टुकड़ियों की मदद कर सकती हैं, जहां सामान्य परिवहन माध्यमों से पहुंचना मुश्किल होता है।

MATRIX तकनीक से बिना पायलट होगा संचालन

इस हेलीकॉप्टर में MATRIX नाम की स्वायत्त तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से यू-हॉक अकेले उड़ान भर सकता है या दूसरे यू-हॉक और पायलट वाले ब्लैक हॉक के साथ मिलकर काम कर सकता है। कंपनी ने ‘क्विवर’ नामक एक विशेष प्रणाली का भी जिक्र किया है, जिसके जरिए अलग-अलग उपकरण तैनात करने की क्षमता विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य जमीनी कमांडरों को हवाई सहायता और अभियान के दौरान अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है।

2026 में पहली उड़ान की तैयारी का दावा

कंपनी की जानकारी के अनुसार, यू-हॉक का विकास तेजी से किया गया और 2026 में इसकी पहली उड़ान की तैयारी थी।1,600 नॉटिकल मील तक स्वायत्त उड़ान और भारी सामान ढोने की क्षमता के दावे भी किए गए हैं। इन आंकड़ों को कंपनी की बताई क्षमताओं के रूप में ही देखना चाहिए; वास्तविक प्रदर्शन की पुष्टि परीक्षणों से होगी। यदि यह तकनीक सफल रहती है, तो भविष्य में सैन्य आपूर्ति, निगरानी और जोखिम भरे अभियानों में मानवरहित हेलीकॉप्टरों की भूमिका बढ़ सकती है।

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