247 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने भारतीय टीम को तेज शुरुआत की जरूरत थी और संजू सैमसन ने मैदान पर उतरते ही आक्रामक अंदाज दिखाना शुरू कर दिया। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में संजू ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए। उनकी बल्लेबाजी का असर स्कोरबोर्ड पर तेजी से दिखाई दिया और भारत ने महज 18 गेंदों यानी तीन ओवर में 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया। इस दौरान दूसरे छोर पर मौजूद अभिषेक शर्मा की भूमिका बिल्कुल अलग रही। जब टीम का स्कोर 50 रन हुआ, तब संजू 18 गेंदों पर 47 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि अभिषेक के खाते में सिर्फ एक रन था। अतिरिक्त रनों से भी टीम को मदद मिली। संजू की तेजतर्रार शुरुआत ने बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम के लिए मुकाबले में उम्मीदें जगा दीं।
एक तरफ संजू का तूफान, दूसरी ओर अभिषेक की धीमी शुरुआत
भारतीय पारी के शुरुआती ओवरों में दोनों सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर नजर आया। संजू सैमसन ने गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया और मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाए। दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा शुरुआत में ज्यादा रन नहीं जोड़ सके। तीन ओवर के बाद संजू 47 रन पर थे और अभिषेक केवल एक रन बनाकर नाबाद थे। इतने कम समय में 50 रन तक पहुंचना भारत के लिए शानदार शुरुआत थी, लेकिन 248 रन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाकी बल्लेबाजों को भी लगातार रन बनाने की जरूरत थी।
247 रन बनाकर वेस्टइंडीज ने भारत के सामने रखी बड़ी चुनौती
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित पारी में चार विकेट पर 247 रन बनाए थे। इतने बड़े स्कोर के बाद भारतीय बल्लेबाजों के सामने रन गति बनाए रखने का दबाव था। टी20 क्रिकेट में शुरुआती ओवरों की तेजी लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभा सकती है। संजू ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी की। उनकी पारी ने विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया और भारतीय खेमे को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि, बड़े लक्ष्य के सामने केवल तेज शुरुआत काफी नहीं होती; साझेदारियों और विकेट बचाने की रणनीति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
23 गेंदों में 56 रन बनाकर लौटे संजू सैमसन
संजू सैमसन ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 23 गेंदों पर 56 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से छह चौके और चार छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 243.48 रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है। संजू ने कम गेंदों में तेजी से रन जोड़कर भारतीय पारी को जरूरी गति दी। हालांकि, वह अपनी शुरुआत को और लंबी पारी में नहीं बदल सके। वेस्टइंडीज के गेंदबाज कीमो पॉल ने उन्हें आउट कर दिया। उनके आउट होने से भारत को झटका जरूर लगा, लेकिन संजू की पारी ने टीम को लक्ष्य का पीछा करने के लिए अच्छी स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
क्या भारत हासिल कर पाएगा इतना बड़ा लक्ष्य?
संजू की विस्फोटक पारी के बाद भारतीय टीम की नजरें बाकी बल्लेबाजों पर टिक गईं। 247 रनों के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए टीम को रन गति बनाए रखने के साथ विकेट भी बचाने थे। अभिषेक शर्मा और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर पारी को संभालने की जिम्मेदारी थी। संजू की शुरुआत ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया, लेकिन नतीजा तय करने के लिए आगे की बल्लेबाजी निर्णायक रहने वाली थी












