नई दिल्ली: पाकिस्तान से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पेशावर के दिर कॉलोनी इलाके में गुरुवार, 15 अक्टूबर को एक प्राइवेट स्कूल की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें 20 मासूम छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने इस हादसे की पुष्टि की है।
13 साल से बच्चों की उम्र
उन्होंने बताया कि हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है और अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। इससे पहले प्रवक्ता ने 17 छात्रों की मौत की जानकारी दी थी और कहा था कि सभी बच्चों की उम्र 13 साल से कम थी। इसके अलावा 17 घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।
پشاور میں نجی اسکول کی چھت گر گئی، اب تک جاں بحق بچوں کی تعداد 28 ہے. https://t.co/kAGUScWO7u
— Sabir Shah Hoti (@sabirshahhoti84) October 15, 2026
पाकिस्तान में आम हैं ऐसे हादसे
बता दें, यह कोई पहला मामला नहीं है। पाकिस्तान में इमारतों और छतों का गिरना आम बात हो गई है। इसकी बड़ी वजह निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करना बताया जाता है। पिछले कुछ महीनों में ही ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। जुलाई में उमरकोट के पास एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की बाहरी दीवार गिर गई थी, जिसमें मलबे में दबने से 3 से 13 साल की तीन बच्चियों की मौत हो गई थी। उसी महीने लाहौर के बागबानपुरा इलाके में एक बन रहे प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की जान चली गई थी और पांच लोग घायल हो गए थे।
इससे पहले जून में लाहौर के काहना इलाके में एक प्राइवेट ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। यह हादसा डेरा गाजी खान में हुए एक और हादसे के दो महीने के अंदर ही हुआ था, जहां एक प्राइवेट स्कूल के क्लासरूम की छत गिरने से चार बच्चों की मौत और 20 लोग घायल हो गए थे। जांच में सामने आया था कि उस दौरान इमारत में विस्तार का काम चल रहा था।












