नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम दावा किया है. ट्रंप के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते पर बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन सवाल यह है कि अगर पुतिन डील के लिए तैयार हैं, तो करीब चार साल से जारी जंग अब तक क्यों नहीं रुक पाई?
पुतिन और जेलेंस्की के बीच तनाव बड़ी वजह
ट्रंप ने इसका कारण रूस और यूक्रेन के दोनों नेताओं के रिश्तों को बताया. उन्होंने कहा कि पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच बेहद खराब संबंध हैं. दोनों एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते और यही स्थिति शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में बड़ी बाधा बन रही है.
ट्रंप के मुताबिक, रूस और यूक्रेन लंबे संघर्ष से थक चुके हैं. ऐसे में दोनों पक्षों को युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते तक पहुंचने की जरूरत है. हालांकि, संभावित डील की शर्तों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी.
पुतिन से फोन पर बात कर चुके हैं ट्रंप
ट्रंप ने मंगलवार को पुतिन से फोन पर बातचीत की थी. यह बातचीत अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर की रूस और यूक्रेन यात्रा के बाद हुई. दोनों अमेरिकी प्रतिनिधि युद्ध समाप्त कराने के संभावित रास्तों पर चर्चा के लिए मॉस्को और कीव गए थे.
इससे पहले अगस्त में सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने भी मॉस्को में रूसी अधिकारियों से मुलाकात की थी. इन संपर्कों का उद्देश्य रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की संभावनाएं तलाशना था.
क्या आमने-सामने बैठेंगे पुतिन-जेलेंस्की?
पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह पुतिन और जेलेंस्की के बीच त्रिपक्षीय बैठक कराने की कोशिश करेंगे. ट्रंप ने संभावना से इनकार नहीं किया. हालांकि, अमेरिका और यूरोप के कुछ अधिकारियों को पुतिन की वास्तविक मंशा पर अब भी संदेह है. ऐसे में शांति वार्ता की कोशिशें जारी रहने के बावजूद युद्ध कब थमेगा, यह अभी साफ नहीं है.












