नई दिल्ली: बच्चों की मुस्कान सलामत रहे, स्कूल जाने वाला हर कदम सुरक्षित रहे और घर लौटते वक्त किसी परिवार की खुशियां हादसे का शिकार न हों। इसी संकल्प के साथ पूर्वी दिल्ली में सड़क सुरक्षा की नई मुहिम शुरू की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री और पूर्वी दिल्ली के सांसद हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सोमरविल स्कूल में ‘सुरक्षित स्कूल मार्ग क्षेत्र’ पायलट परियोजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पूर्वी दिल्ली के 28 स्कूलों को शामिल किया गया है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा से शुरू होकर पूरी दिल्ली में विस्तार पाएगी यह पहल
इस पहल का मकसद स्कूलों के आसपास सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना, बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और अभिभावकों, शिक्षकों व वाहन चालकों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। योजना सफल रहने पर इसे पूरी दिल्ली में विस्तार देने की तैयारी है। कार्यक्रम में मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में देश का सड़क नेटवर्क तेजी से मजबूत हुआ है। करीब 1.46 लाख किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ भारत विकास की नई रफ्तार पकड़ रहा है, लेकिन असली विकास तभी है जब सड़क पर हर जिंदगी सुरक्षित हो।
हर साल 10 हजार नाबालिग गंवाते हैं जान, सीट बेल्ट और हेलमेट हैं जीवनरक्षा का मंत्र
उन्होंने चिंता जताई कि देश में प्रतिवर्ष करीब 1.80 लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। इनमें लगभग 10 हजार मृतक 18 वर्ष से कम आयु के होते हैं। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट और नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक को जीवनरक्षा का जरूरी मंत्र बताया। कार्यक्रम में अरविंदर सिंह लवली, यशपाल कैंथुरा, पार्षद मुनीष डेढ़ा और विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Reported By: Pankaj Rai












