नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के उप निदेशक स्तर के एक अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली का एक अधिवक्ता और एक अन्य निजी व्यक्ति भी शामिल है। यह मामला डीएचएफएल घोटाले से संबंधित एसएफआईओ की जांच में कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के नाम पर रिश्वत मांगने से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एसएफआईओ के चेन्नई स्थित कार्यालय में चल रही जांच में कथित तौर पर उसके पक्ष में मदद करने के बदले एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में एसएफआईओ के अधिकारी, एक अधिवक्ता और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में मामला दर्ज किया गया।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायत का सत्यापन करने और प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सीबीआई ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान दिल्ली के अधिवक्ता को शिकायतकर्ता से 20 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह रकम एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत की मांग के तहत पहली किस्त के रूप में ली जा रही थी और इसे एसएफआईओ अधिकारी की ओर से प्राप्त किया जा रहा था। इसके बाद एसएफआईओ के उप निदेशक स्तर के अधिकारी, अधिवक्ता और एक अन्य निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में मिले मामले से जुड़े अहम साक्ष्य
कार्रवाई के बाद सीबीआई ने सरकारी अधिकारी और अधिवक्ता के परिसरों की तलाशी ली। इस दौरान मामले से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की जानकारी दी गई है। जांच एजेंसी अब कथित रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क, रकम की मांग और उसके लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Reported by: Pankaj Rai












