ऑपरेशन मिलाप: दिल्ली पुलिस की ‘सुपर कॉप’ टीम ने 100 से ज्यादा कैमरे खंगालकर 13 वर्षीय लापता बच्ची को खोज निकाला

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर जिला की बुराड़ी थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत गुमशुदा 13 वर्षीय बच्ची को सकुशल तलाशकर उसके परिवार से मिला दिया। बच्ची की तलाश में पुलिस टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। डीटीसी बसों, दिल्ली मेट्रो, ऑटो रिक्शा, यूपीआई भुगतान और इंस्टाग्राम से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने आखिरकार बच्ची का पता लगा लिया। बेटी की सुरक्षित वापसी से परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली।

घर से निकली बच्ची, कई इलाकों तक पहुंची तलाश

उत्तरी जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि बुराड़ी के नत्थूपुरा निवासी एक महिला ने शिकायत दी कि उसकी 13 वर्षीय बेटी 22 अक्टूबर की शाम से लापता है। इस संबंध में 23 अक्टूबर को बुराड़ी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी संख्या 765/2026 दर्ज की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की।

सीसीटीवी की कड़ियां जोड़कर आगे बढ़ी पुलिस

जांच के दौरान नत्थूपुरा के आसपास की फुटेज में बच्ची बस स्टॉप की ओर जाती और डीटीसी बस में सवार होती दिखाई दी। बस की फुटेज से पता चला कि वह निरंकारी इलाके में उतरी थी। इसके बाद परिजन से मिली सूचना के आधार पर पुलिस कालकाजी मंदिर पहुंची। वहां की फुटेज में बच्ची एक अन्य लड़की के साथ दिखाई दी। दोनों कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन पहुंचीं और मेट्रो से कश्मीरी गेट गईं, जहां से उन्होंने ऑटो रिक्शा लिया।

ऑटो नंबर, यूपीआई और इंस्टाग्राम बने गेम चेंजर

पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से ऑटो का पंजीकरण नंबर पता लगाया और चालक तक पहुंची। चालक ने बताया कि उसने दोनों लड़कियों को आजादपुर छोड़ा था और किराये का भुगतान यूपीआई से किया गया था। इस डिजिटल लेनदेन से पुलिस को दूसरी लड़की की पहचान से जुड़ा अहम सुराग मिला। इसके बाद इंस्टाग्राम पर मिली एक रील में दूसरी लड़की को आजादपुर के झुग्गी-बस्ती क्षेत्र के पास एक पार्क में देखा गया। स्थानीय पूछताछ और लगातार प्रयासों से पुलिस ने लापता बच्ची को सुरक्षित तलाश लिया।

डर के कारण छोड़ा था घर

पूछताछ में बच्ची ने बताया कि गलती से एक लड़के को फोन लग जाने के बाद उसे डर था कि वह उसके माता-पिता से शिकायत करेगा। इसी आशंका में वह घर से निकल गई थी। बाद में कालकाजी मंदिर में उसकी मुलाकात दूसरी लड़की से हुई और वह उसके साथ चली गई। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

यह कार्रवाई उप पुलिस आयुक्त निहारिका भट्ट उत्तर जिला के नेतृत्व में हुई। सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार के मार्गदर्शन तथा बुराड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक गिरिश चंद्र रतूड़ी की निगरानी में उपनिरीक्षक विकास फागेरिया के नेतृत्व वाली टीम ने अभियान को अंजाम दिया। टीम में सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद, सहायक उपनिरीक्षक सुधीर सांगवान, हेड कांस्टेबल संजय, मोहित, विशाल, चेतराम, धर्मेंद्र और कांस्टेबल दीपक शामिल रहे। मामले में आगे की जांच जारी है।

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