14 लाख की डील, 5 लाख पर सीबीआई का क्लाइमेक्स, बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत का खेल पड़ा भारी

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नई दिल्ली: सरकारी बिलों को आगे बढ़ाने के नाम पर कथित रिश्वतखोरी का खेल खेल रहे चंडीगढ़ नगर निगम के एक सैनिटरी इंस्पेक्टर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। मामला 14 लाख रुपये की कथित रिश्वत की मांग से जुड़ा है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद आरोपी के कार्यालय और आवास पर भी तलाशी ली गई, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है।

सीबीआई के अनुसार इस मामले में 7 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि नगर निगम, चंडीगढ़ में तैनात सैनिटरी इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता की फर्म के लंबित और भविष्य के बिलों को स्वीकृत कराने तथा उनका भुगतान आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर 14 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी। आरोप यह भी है कि रिश्वत की रकम नहीं देने पर आरोपी ने फर्म के बिल रोकने और उसका टेंडर रद्द कराने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जाल बिछाने की तैयारी शुरू कर दी।

जाल बिछा और रिश्वतखोर ‘रंगे हाथ’ पकड़ा गया

7 अक्टूबर को सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इसी दौरान आरोपी सैनिटरी इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता से पांच लाख रुपये की अवैध रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर रंगेहाथ पकड़ लिया गया। यह रकम 14 लाख रुपये की कथित मांग में पहली किस्त के तौर पर दी जा रही थी। सीबीआई की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने आरोपी के ठिकानों की तलाशी भी ली।

घर और दफ्तर खंगाले, दस्तावेज बरामद

सीबीआई ने सैनिटरी इंस्पेक्टर के आवास और कार्यालय परिसर में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जांच से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी से जुड़े लेन-देन और संपत्तियों के बीच कोई संबंध है या नहीं।

आज अदालत में होगी पेशी

गिरफ्तार सैनिटरी इंस्पेक्टर को 8 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान रिश्वत की कथित मांग बिलों को रोकने की धमकी रकम के लेन-देन और बरामद दस्तावेजों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सीबीआई की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी कामकाज में अवैध रकम मांगने और लेने के आरोपों पर जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है। पांच लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद अब जांच की अगली कड़ी में यह सामने आना बाकी है कि 14 लाख रुपये की कथित डील का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।

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