नई दिल्ली: राजधानी में प्रदर्शन की तैयारी और पुलिस की अनुमति को लेकर एक बार फिर नियमों के पालन का मुद्दा सामने आया है। CJP प्रदर्शन के लिए दी गई सूचना निर्धारित समय से काफी कम पहले मिलने का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं देने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नई दिल्ली रेंज की ज्वाइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने इस मामले में पुलिस का पक्ष रखा। पुलिस के अनुसार, मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत इस तरह के कार्यक्रमों के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन या सूचना देना जरूरी है। CJP प्रदर्शन के संबंध में सूचना निर्धारित समय से काफी कम पहले प्राप्त हुई जिसके चलते अनुमति नहीं दी गई।
नियमों की अनदेखी पर नहीं मिली हरी झंडी
पुलिस का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन के आयोजन से पहले तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही, यातायात का दबाव और सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं होने और संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।
नई दिल्ली इलाके में धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। ऐसे में किसी भी गतिविधि के आयोजन के दौरान लागू आदेशों और संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन के दौरान यदि कोई व्यक्ति तोड़फोड़ करता है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का संदेश शांति बनाए रखें, नियमों का पालन करें
दिल्ली पुलिस के रुख से स्पष्ट है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के मामलों में समय पर सूचना, निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी नियमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वहीं, किसी भी संभावित कार्रवाई का आधार संबंधित तथ्यों और लागू कानूनों के अनुरूप होगा। लोकतांत्रिक गतिविधियों के साथ सार्वजनिक सुरक्षा भी जरूरी है। नियमों के दायरे में रहकर ही किसी कार्यक्रम का आयोजन किया जाना चाहिए।
Reported by: Pankaj Rai












