पटना: बिहार की राजधानी पटना जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में आने वाले बेहरावां गांव में सोमवार को पुलिस की एक छापेमारी ने पूरे इलाके को हिला दिया। भारी संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मियों को देखते ही करीब 50 से 60 लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पुनपुन नदी में छलांग लगा दी। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए बेहद डरावनी साबित हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने गांव में इस तरह धावा बोला जैसे कोई बड़ी नक्सली या आतंकवादी घटना हो चुकी हो। चारों तरफ पुलिस बल दिखते ही लोग समझ ही नहीं पाए कि असल में क्या हो रहा है। इससे पहले कि कोई कुछ पूछ-ताछ कर पाता, भगदड़ मच गई। लोग घबराकर नदी की तरफ भागने लगे। कई तो बिना सोचे-समझे नदी में कूद पड़े, क्योंकि उन्हें लगा कि नदी पार करके ही वे बच सकते हैं।
ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप लगा
भागते समय कुछ लोगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर भी फेंके। इसके बाद ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने भी नदी में ईंट और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। नदी में कूदे लोग तैरकर दूसरे किनारे पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन लगातार पत्थर गिरने से कई लोगों को पानी से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। जो लोग तैरना जानते थे, वे किसी तरह दूसरे किनारे पहुंचकर अपनी जान बचा पाए। बाकी लोग पानी में फंस गए और उनकी हालत खराब होती गई।
दो लोगों की डूबने से हुई मौत
इस हड़बड़ी और अफरातफरी में फुलवारी शरीफ के ढिबरा गांव के रहने वाले आकाश मांझी और करीब 60 साल के राम मांझी नदी से बाहर नहीं निकल सके। दोनों की डूबने से मौत हो गई। आकाश अपनी नानी के घर बेहरावां आया हुआ था। गांव के लोगों ने दोनों को बचाने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। वजह यह बताई जा रही है कि पुलिस नदी के मुहाने पर खड़ी होकर लगातार ईंट-पत्थर फेंक रही थी।
घटना के बाद बेहरावां गांव में मातम और दहशत का माहौल छा गया है। दो मौतों ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। कई परिवार अभी भी सदमे में हैं। ग्रामीण बताते हैं कि पुलिस की भारी मौजूदगी और कार्रवाई के बाद कई लोग घर छोड़कर कहीं और चले गए हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आ रही हैं। गांव में पुलिस बल की मौजूदगी अभी भी बनी हुई है। लोग इस घटना को लेकर काफी परेशान हैं और पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।












