पटना: बिहार के चर्चित बाहुबली विधायत अनंत सिंह की विधायती पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। जेडीयू से निलंबित चल रहे अनंत सिंह को बिहार विधानसभा सचिवायल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 7 दिन के अंदर जवाब मांगा है। विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्देश पर यह नोटिस भेजा है।
विधान परिषद चुनाव में बगावत पड़ी भारी
पूरा मामला विधान परिषज चुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान पार्टी अनुशासन तोड़ा और जेडीयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया। उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिसे जेडीयू ने गंभीरता से लिया। इसको लेकर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को लिखित शिकायत दी थी और अनंत सिंह पर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद विधानसभा स्तर पर मामले की जांच शुरू हुई। हालांकि अनंत सिंह का कहना है कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया, बल्कि नीरज कुमार से व्यक्तिगत नाराजगी के कारण उनका विरोध किया था।
सबूतों के साथ पेश की गई शिकायत
जेडीयू ने अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए कई सबूत भी पेश किए हैं। पार्टी ने अखबारों की कतरनें, चुनावी सभाओं की सीडी और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग समेत कई अन्य दस्तावेज विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे हैं। इन सबूतों में अनंत सिंह के बगावती बयान और विरोधी प्रचार से जुड़े साक्ष्य शामिल हैं।सभी सबूतों की जांच के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसके बाद सचिवालय ने अनंत सिंह को नोटिस जारी कर दिया।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अनंत सिंह 7 दिन के अंदर क्या जवाब देते हैं। अगर उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनकी विधानसभा सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। इस नोटिस के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।












