नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का तिलक नगर इलाका उस वक्त दहल उठा जब दिल्ली विश्वविद्यालय की 21 वर्षीय होनहार छात्रा की उसके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। 26 अगस्त की ढलती शाम को जब छात्रा अपने घर पर अकेली थी, तभी उसका परिचित आकिब उर्फ इमरान (26) वहां पहुंचा। शुरुआती जांच और पुलिस के शक के मुताबिक, आरोपी पीड़िता के किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने से बेहद नाराज था। इसी रंजिश और कड़वाहट के बीच घर के भीतर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद इमरान ने आपा खो दिया और युवती पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
15 टीमें, स्पेशल स्टाफ और एनकाउंटर का शिकंजा
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी इमरान मौके से फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी धरपकड़ के लिए पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी के निर्देशन में 15 से अधिक विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने पूरे जिले में नाकेबंदी और चेकिंग अभियान तेज कर दिया। इमरान लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन स्पेशल स्टाफ और एंटी-टेरर स्क्वाड (एटीएस) की टीमों ने सटीक सूचना के आधार पर उसे घेर लिया। घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
18 महीने पुरानी जान-पहचान और खौफनाक अंत
मृतका दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग’ में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। इसके साथ ही वह पार्ट-टाइम मॉडलिंग और कंटेंट क्रिएशन में भी सक्रिय थी। अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी यह छात्रा पश्चिमी दिल्ली में मंगला अस्पताल के पास अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी। आरोपी और पीड़िता की मुलाकात करीब डेढ़ साल पहले एक जिम में हुई थी, जहां इमरान बतौर ट्रेनर काम करता था।
गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
पुलिस और आरोपी के बीच हुई इस तीखी मुठभेड़ में आरोपी इमरान ने 4 राउंड फायर किए, जिसके जवाब में पुलिस टीम ने 7 राउंड गोलियां चलाईं। इस क्रॉस-फायरिंग में आरोपी के पैर में तीन गोलियां लगीं, जिसके बाद उसे तुरंत दबोच लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां हिरासत में उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात को अंजाम देने में उसने किस चाकू का इस्तेमाल किया था और फरार रहने के दौरान उसे किसने मदद पहुंचाई थी। दोनों के बीच जान-पहचान गहरी थी और वे वारदात से कुछ दिन पहले, 20 अगस्त को एक होटल में भी मिले थे। लेकिन आरोपी के मन में पनप रहे शक और सनक ने एक हंसती-खेलती जिंदगी का ऐसा दर्दनाक अंत कर दिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।












