चुनावी झटके के बाद बदले ट्रंप के तेवर, इजराइल को अरबों डॉलर की मदद बंद करने का ऐलान

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नई दिल्ली: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो बड़े फैसले किए हैं। उन्होंने इजराइल को मिलने वाली सालाना चार अरब डॉलर की आर्थिक मदद रोकने का ऐलान किया। साथ ही, ईरान पर नए हमले की योजना से इनकार करते हुए शांति वार्ता की बात कही है। इन घोषणाओं को चुनावी नतीजों और पश्चिम एशिया के हालात से जोड़कर देखा जा रहा है।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि फैसले की जानकारी इजराइल के प्रधानमंत्री को दे दी गई है। अमेरिका अब उसे आर्थिक सहायता नहीं देगा, हालांकि हथियारों की बिक्री जारी रह सकती है। यानी सैन्य सामान की आपूर्ति और आर्थिक सहयोग को अलग रखने का संकेत दिया गया है।

ईरान से बातचीत पर जोर, हमले की योजना नहीं

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान पर दोबारा हमला करने की योजना नहीं है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को शानदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उनके मुताबिक, वार्ता का नतीजा सामने आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

मतदान से पहले केशम द्वीप पर हमला

अमेरिका ने सोमवार, 2 नवंबर को ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया था। यह कार्रवाई मिडटर्म चुनाव के मतदान से ठीक पहले हुई। हालांकि, इससे रिपब्लिकन पार्टी को फायदा नहीं मिला। आकलनों के मुताबिक, पार्टी को सीनेट में नुकसान हो सकता है, जबकि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स बहुमत हासिल कर सकते हैं।

ट्रंप के फैसलों के पीछे क्या वजहें हो सकती हैं?

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन की बड़ी वजह महंगाई रही। ईरान युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों का असर अमेरिकी परिवारों पर पड़ा और ट्रंप सरकार इसे काबू नहीं कर पाई। ऐसे में युद्ध जारी रखना राजनीतिक रूप से नुकसानदेह हो सकता है। दूसरी वजह संसद में बदलता शक्ति संतुलन है। प्रतिनिधि सभा में बहुमत गंवाने के बाद ट्रंप के लिए नया सैन्य अभियान शुरू करना कठिन हो सकता है। सांसद उनके फैसलों की समीक्षा कर सकते हैं।

इजराइल की घरेलू राजनीति भी अहम है। बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद वहां गठबंधन सरकार की संभावना है। इस अनिश्चितता के बीच ट्रंप का मदद रोकने का फैसला इजराइल के साथ संबंधों को नए सिरे से तय करने की कोशिश माना जा सकता है।

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