नई दिल्ली: राजधानी में डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ दक्षिण जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर दक्षिण थाना पुलिस ने छह लाख रुपये की ठगी के मामले में जम्मू-कश्मीर और राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक अन्य बैंक खाते में करीब 50 लाख रुपये के लेन-देन और अलग-अलग राज्यों की 10 साइबर शिकायतों से जुड़े होने का भी खुलासा हुआ है।
अधिकारी बनकर छह लाख रुपये खाते में कराए स्थांनातरित
दक्षिण जिला डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि पीड़ित को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बनकर डराया गया और कथित डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर छह लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करा लिए गए। इस मामले में साइबर दक्षिण थाने में ई-एफआईआर संख्या 499/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जांच में हुआ खुलासा
जांच में पता चला कि ठगी की रकम सबसे पहले राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी मुकेश कुम्हार के फेडरल बैंक खाते में पहुंची। इसके बाद पांच लाख 50 हजार रुपये जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी रितिश कुमार मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेजे गए। पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की कड़ी जोड़ते हुए पहले रितिश और फिर मुकेश को गिरफ्तार कर लिया।
तकनीकी जांच में ठगी की ऑनलाइन गतिविधियों का संबंध कंबोडिया से भी सामने आया है, जिसकी पड़ताल जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन चार एटीएम/डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और पांच रबर स्टांप बरामद किए हैं। कार्रवाई में एसआई उदय सिंह, हेड कांस्टेबल विकास कुमार, हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार और कांस्टेबल प्रवीण जूण शामिल रहे। टीम ने साइबर थाना एसएचओ के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशन दक्षिण जिला के समग्र पर्यवेक्षण में कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की आगे जांच जारी है।












