आपकी चैट्स कौन देख रहा, कहां जा रहा डेटा? अब ChatGPT के नए Privacy Center में मिलेगा जवाब, जानें कैसे करें एक्सेस

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ChatGPT Privacy Center
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नई दिल्ली: AI कंपनी OpenAI ने अपने पॉपुलर चैटबॉट ChatGPT के लिए एक नया फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम है Privacy Center। इस फीचर का मकसद यूजर्स के लिए प्राइवेसी से जुड़े तमाम विकल्पों को एक ही जगह इकट्ठा करना है, ताकि लोग आसानी से समझ सकें कि उनका डेटा कैसे इस्तेमाल हो रहा है और उसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।

अभी तक ChatGPT में प्राइवेसी से जुड़े अलग-अलग विकल्प अलग-अलग जगहों पर बिखरे हुए थे, जिससे यूजर्स को अक्सर उलझन होती थी। नए Privacy Center में Memory, चैट प्राइवेसी, डेटा इस्तेमाल, Connected Apps और पर्सनलाइजेशन जैसी तमाम जानकारी एक ही डैशबोर्ड में मिल जाएगी। हालांकि यह ध्यान रखने वाली बात है कि सिर्फ Privacy Center खोलने भर से मौजूदा सेटिंग्स में कोई बदलाव अपने आप नहीं होगा।

पर्सनलाइजेशन और मेमोरी पर मिलेगा कंट्रोल

इस नए सेक्शन में Personalised Chats and Ads नाम का एक हिस्सा भी जोड़ा गया है, जहां यूजर यह देख सकते हैं कि Memory फीचर कैसे काम करता है। दरअसल Memory की मदद से ChatGPT पुरानी बातचीत के आधार पर आगे के जवाबों को ज्यादा पर्सनलाइज्ड बना सकता है, और अब यूजर इसे अपनी सुविधा अनुसार ऑन या ऑफ कर सकेंगे। इसके अलावा Chat Privacy सेक्शन में Temporary Chat जैसे फीचर की जानकारी भी दी गई है, जिसका इस्तेमाल ऐसी बातचीत के लिए किया जा सकता है जो हिस्ट्री या पर्सनलाइजेशन में शामिल न हो।

डेटा एक्सेस और सिक्योरिटी के भी विकल्प

Privacy Center के Data Use and Access सेक्शन में यूजर्स को Connected Apps, Multi-Factor Authentication (MFA), Model Improvement और डेटा Export या Delete करने जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। कुछ अकाउंट्स में यूजर यह तय कर सकते हैं कि उनकी बातचीत का इस्तेमाल OpenAI के मॉडल को ट्रेन करने के लिए किया जाए या नहीं। 

कंपनी के मुताबिक यह फीचर अलग-अलग यूजर्स, प्लान, रीजन और वर्कस्पेस सेटिंग्स के हिसाब से अलग-अलग समय पर उपलब्ध होगा। वेब वर्जन में इसे Account Menu में Help ऑप्शन के जरिए एक्सेस किया जा सकता है, जबकि मोबाइल ऐप में यह Settings के अंदर मिलेगा।

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