बिहार में एनकाउंटर के बाद अस्पताल में बवाल, अपराधियों के परिजनों ने मुखबिर समझकर शख्स को पीटा

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नई दिल्ली: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। शुक्रवार तड़के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें तीनों की जान चली गई। जैसे ही उनके शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाए गए, मृतकों के परिजन वहां पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे के दौरान अस्पताल में मौजूद एक व्यक्ति को देखते ही मृतकों के परिजन उस पर टूट पड़े। उन्होंने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप था कि इसी व्यक्ति ने पुलिस को अपराधियों की जानकारी दी थी, जिसके चलते मुठभेड़ हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित बाहर निकाला। मुठभेड़ में मारे गए लोगों की पहचान दानापुर थाना क्षेत्र के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाए गए थे।

शव देखने की जिद पर अड़े रहे परिजन

घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिवार वाले अस्पताल पहुंच गए। वे अपने परिजनों के शव देखना चाहते थे और इसी मांग पर अड़े रहे। कुछ लोग एंबुलेंस तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। लगातार विरोध और हंगामे के कारण तीनों के शव काफी देर तक एंबुलेंस में ही रखे रहे। अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।

परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

इस बीच मृतकों के परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ को लेकर भी सवाल खड़े किए। जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने दावा किया कि पैक्स अध्यक्ष की हत्या के मामले में उनके भाई का नाम शामिल नहीं था। उन्होंने पुलिस के पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। वहीं, राजेश शर्मा के भाई ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी राजेश से बातचीत हुई थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों के इन बयानों के बाद मुठभेड़ को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल अस्पताल में हुए हंगामे और परिजनों के आरोपों के बीच पुलिस के लिए स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण रहा।

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