ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक 27 वर्षीय हिंदू कानून छात्र के कथित अपहरण का मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे जबरन उठाकर एक मकान में बंधक बना लिया, उसके साथ मारपीट की और परिवार से फिरौती की मांग की. पीड़ित किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रहा, लेकिन भागने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया. फिलहाल उसका इलाज ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
घायल छात्र की पहचान सुभाष देउरी के रूप में हुई है. वह ओल्ड ढाका स्थित सेंट्रल लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है. पढ़ाई के साथ-साथ वह जरूरत पड़ने पर जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के केंद्रीय मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में भी सहयोग करता था. परिजनों के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे सुभाष रिक्शे से स्वामीबाग इलाके में पहुंचा था. इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे कथित रूप से अगवा कर लिया और एक मकान में ले जाकर बंधक बना दिया.
परिवार से मांगी गई 50 हजार टका की फिरौती
परिवार का आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने सुभाष के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके बाद उसे छोड़ने के बदले 50 हजार टका की मांग की. रिश्तेदारों के अनुसार, परिवार ने दबाव में आकर 20 हजार टका की व्यवस्था कर आरोपियों को दे दिए थे. बाकी रकम अगले दिन देने की बात कही गई थी. इस दौरान लगातार मारपीट किए जाने से सुभाष को गंभीर चोटें आईं और उसकी हालत बिगड़ गई.
जान बचाने के लिए लगाई ऊंचाई से छलांग
मंगलवार सुबह सुभाष ने किसी तरह वहां से निकलने का मौका तलाशा. पुलिस के अनुसार, उसने जिस इमारत में उसे रखा गया था, उसके एक हिस्से से नीचे छलांग लगा दी. इस दौरान उसके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई, लेकिन इसके बावजूद वह किसी तरह अपने रूममेट तक पहुंचने में सफल रहा. रूममेट ने बिना देर किए उसे ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि उसकी सर्जरी करनी पड़ेगी.
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घायल छात्र ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसे स्वामीबाग इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया था. शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस आसपास के इलाकों की जानकारी जुटा रही है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मंदिर समिति ने भी दी सफाई
घटना के बाद कुछ रिपोर्टों में छात्र के मंदिर से जुड़े होने की चर्चा होने लगी. इस पर जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के केंद्रीय मंदिर की समिति ने स्पष्ट किया कि सुभाष वहां स्थायी पुजारी नहीं है. समिति के एक सदस्य ने बताया कि वह केवल विशेष अवसरों या जरूरत पड़ने पर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में सहयोग करता था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना का मंदिर या उसकी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है.
















