नई दिल्ली: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में आतंकवादियों ने एक बड़े हमले को अंजाम देते हुए सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया. इस हमले में कम से कम आठ सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 35 अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं. गुरुवार रात हुए इस हमले ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
कैसे हुआ हमला?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को सुरक्षा कैंप के भीतर घुसाकर जोरदार धमाका किया और उसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी. यह हमला अफगानिस्तान सीमा से सटे पहाड़ी क्षेत्र बाजौर जिला में स्थित एक अहम सुरक्षा चौकी पर हुआ. घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में कैंप का बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह नजर आया. कई इमारतें मलबे में बदल गईं, जबकि कुछ हिस्सों में आग लगने के कारण दीवारें काली पड़ गईं. धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास का इलाका भी हिल गया.
एक सुरक्षा अधिकारी के अनुसार आतंकवादियों ने हमले की शुरुआत ड्रोन तकनीक के जरिए की. बताया गया कि पहले क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल कर कैंप की निगरानी और निशाना साधा गया. इसके बाद विस्फोटकों से भरी कार को तेज रफ्तार में कैंप के अंदर घुसा दिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट हुआ. धमाके के तुरंत बाद हथियारों से लैस आतंकवादी कैंप में घुस गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. काफी देर तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चलती रही.
अधिकारियों का क्या दावा है?
अधिकारियों का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में सभी हमलावरों को मार गिराया गया. हालांकि इस हमले को लेकर अभी तक पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. जिस चौकी को निशाना बनाया गया, उसे सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था.
हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में तेजी देखने को मिली है. पिछले कुछ दिनों में हुए तीन बड़े हमलों में करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है. इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है.
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी संगठन कर रहे हैं, जबकि तालिबान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है. लगातार बढ़ती हिंसा ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
















