नेपाल में हिंसा के बीच बढ़ी हलचल, भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानी

0
8
Heightened activity amidst violence Nepal strict surveillance India Nepal border
Ai

नई दिल्ली: भारत की सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा ने दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। इस पूरे उपद्रव के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। नेपाल की खुफिया एजेंसी द्वारा गृह मंत्रालय को सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय विदेशी तंत्र और संदिग्ध फंडिंग नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। इस हिंसा से ठीक पहले इलाके में पाकिस्तानी मूल के मौलाना मोहम्मद इलियास घुमान और काठमांडू के एक इमाम मुफ्ती अबु बकर कासमी की संदिग्ध मौजूदगी दर्ज की गई थी।

मदरसों की फंडिंग

नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में लगातार बन रही नई मस्जिदों और मदरसों को मिलने वाली विदेशी फंडिंग अब जांच के दायरे में है। भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां पहले भी कई बार ऐसे मामलों का खुलासा कर चुकी हैं, जहां नेपाली नागरिकों का इस्तेमाल आईएसआई के जासूसी नेटवर्क के लिए किया गया। 

दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नेपाली नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया का मामला इसका उदाहरण है, जिसके जरिए भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे गए थे। 

विदेशी मौलानाओं की मौजूदगी

इस हिंसा से ठीक पहले इलाके में पाकिस्तानी मूल के मौलाना मोहम्मद इलियास घुमान और काठमांडू के एक इमाम मुफ्ती अबु बकर कासमी की संदिग्ध मौजूदगी दर्ज की गई थी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि विदेशी धार्मिक प्रचारकों ने भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील जिलों का दौरा करके माहौल को बिगाड़ने का काम किया। यद्यपि इन आरोपों की आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक बढ़ी इस तरह की गतिविधियों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कप्तानगंज से भड़की हिंसा की आग

26 जुलाई की रात सुनसरी जिले के देवगंज ग्रामीण नगरपालिका स्थित कप्तानगंज इलाके में दो समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ था। धार्मिक झंडे लगाने और तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर हुआ यह मामूली झगड़ा देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों को गोलियां चलानी पड़ीं, जिसमें मौतों और दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। इस तनाव के बाद आसपास के इलाकों में भी हिंसा फैल गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू लागू करना पड़ा। नेपाल सरकार ने सुनसरी हिंसा की विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। सीमा पार से भारत की शांति को भंग करने की इस संभावित साजिश का वास्तविक चेहरा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here