राजस्थान का रेगिस्तानी जिला जैसलमेर इस समय दोहरी मार झेल रहा है. एक तरफ तो सूरज की तपिश और भीषण लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ पानी की भारी किल्लत ने निवासियों को बूंद बूंद के लिए तरसा दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यहां पारा लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है. इस तपती गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट पैदा होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है.
10 दिनों से नलों में पानी नहीं
जैसलमेर की कई कॉलोनियों के निवासियों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों से उनके घरों के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं आई है. पानी की कमी को पूरा करने के लिए नगर निकाय द्वारा जो टैंकर भेजे जा रहे हैं, वे भी चार से पांच दिनों में सिर्फ एक बार आ रहे हैं. इस चिलचिलाती धूप में पानी की बेहद सीमित उपलब्धता ने आम जनता की मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया है.
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए एक महिला ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा पिछले 10 दिनों से नलों में बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है. पानी के बिना घर चलाना मुश्किल हो गया है. हमने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचित किया और लिखित आवेदन भी सौंपा लेकिन अब तक कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई.
जैसलमेर में पानी का हाहाकार
जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए राजस्थान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता निरंजन मीणा ने स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने बताया कि स्थानीय नहर नेटवर्क में 10 मई से कुछ जरूरी रखरखाव और मरम्मत का काम चल रहा था जिसके वजह से शहर की मुख्य जलापूर्ति को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा. मरम्मत का यह कार्य अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है और मुख्य सप्लाई लाइनों को दोबारा खोल दिया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि नहर का काम समय पर पूरा हो गया था और अब अगले 72 घंटों के भीतर सभी प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी.
कच्ची बस्तियों में टैंकरों की निगरानी
अधिशासी अभियंता ने आगे कहा कि नहर बंदी के दौरान पानी का विवेकपूर्ण और संभलकर उपयोग करने की सलाह दी गई थी. वर्तमान में जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत विशेष रूप से कच्ची बस्तियों के 7 चयनित स्थानों पर रोजाना सरकारी टैंकरों के माध्यम से पानी भिजवाया जा रहा है जिसकी निरंतर निगरानी की जा रही है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहर के विकास के लिए एक नई जल आपूर्ति योजना भी शुरू होने जा रही है. इस योजना के अंतर्गत जैसलमेर के उन तमाम इलाकों और कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा जो अब तक मुख्य जल नेटवर्क से वंचित रह गए थे ताकि आने वाले समय में लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े.














