नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में गंगा किनारे नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के शानदार एयर शो का दीदार किया। यह शो IAF के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें वायुसेना की ताकत, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के तालमेल की झलक देखने को मिली।
प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट ने भरी उड़ान
इस एयर शो में 12 एयरबेस से आए 100 से ज्यादा विमानों ने हिस्सा लिया। इसमें सुखोई Su-30 MKI, राफेल, जगुआर, मिराज 2000, LCA तेजस और MiG-29 जैसे फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल थे। शो में ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) के दौर में वायुसेना की तैयारियों को भी दिखाया गया।
Varanasi air show…Magnificent! https://t.co/nc1c5psdt8
— Narendra Modi (@narendramodi) October 25, 2026
एयर शो का सबसे बड़ा आकर्षण एरोहेड फॉर्मेशन रहा, जिसमें छह अलग-अलग फाइटर जेट – Su-30, राफेल, जगुआर, मिराज 2000, तेजस और MiG-29 – ने तीर के आकार में एक साथ उड़ान भरकर पायलटों की स्किल और सटीक कोऑर्डिनेशन का प्रदर्शन किया।
हवाई युद्ध का लाइव सिमुलेशन
शो के दौरान हवाई लड़ाई की रणनीति का सिमुलेशन भी दिखाया गया। एक Su-30 ने मालवीय ब्रिज पर हाई-स्पीड अटैक की प्रैक्टिस कर रहे दो जगुआर विमानों को रोकने का अभ्यास किया। इसमें दिखाया गया कि फाइटर जेट खतरे का जवाब कैसे देते हैं और मिशन के दौरान आपस में कैसे तालमेल रखते हैं।
आधुनिक सेंसर और तीनों सेनाओं का तालमेल
कार्यक्रम में Su-30 के हाई-स्पीड वर्टिकल मैनूवर और इंफ्रारेड इमेजिंग पॉड जैसी एडवांस सेंसर टेक्नोलॉजी का भी प्रदर्शन हुआ। भारतीय नौसेना का P-8I निगरानी विमान तमिलनाडु के अरक्कोणम से उड़कर ग्वालियर में मिराज 2000 के साथ कोऑर्डिनेट करते हुए वाराणसी पहुंचा, जिसने तीनों सेनाओं के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाया। लाइव हथियारों के साथ उड़ान और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुई क्षमताओं की झलक भी दिखाई गई। शो का समापन सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर टीम के हैरतअंगेज करतबों के साथ हुआ।












