नई दिल्ली: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार वापस आने के बाद से लगातार ऐसे फैसले सामने आ रहे हैं, जो पूरी दुनिया को चौंका रहे हैं। कई बार तो खुद ट्रंप की पार्टी के सांसद भी इन फैसलों को सुनकर हैरान रह जाते हैं। अब एक और ऐसा ही फैसला सुर्खियों में है, जिसका सीधा संबंध FBI की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। अब तक अमेरिका में यह नियम लागू था कि जिन लोगों का अतीत में जानवरों के साथ यौन संबंध बनाने या वेश्यावृत्ति जैसे मामलों से जुड़ाव रहा हो, उन्हें FBI में एजेंट के रूप में भर्ती नहीं किया जाता था। लेकिन अब सरकार ने इस पुराने नियम में बड़ा बदलाव करते हुए इस रोक को हटा दिया है, और खुद ट्रंप सरकार इस फैसले का बचाव भी कर रही है।
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने मंगलवार को भर्ती नियमों में हुए इस बदलाव पर अपनी बात रखी। उन्होंने संसद को बताया कि अब ऐसे उम्मीदवार, जिनका अतीत में इस तरह के मामलों से नाता रहा हो, केवल इसी वजह से नौकरी के लिए अयोग्य नहीं माने जाएंगे। पटेल ने अमेरिकी सीनेट की न्यायपालिका समिति की बैठक में साफ किया कि इसका मकसद उन पीड़ितों को मौका देना है, जिन्हें जबरदस्ती इस तरह की स्थितियों में धकेला गया था।
चुपचाप बदले गए नियम
गौरतलब है कि FBI ने इस साल की शुरुआत में बिना ज्यादा हलचल के नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों के तहत प्रॉस्टिट्यूशन से जुड़े पुराने मामलों वाले उम्मीदवारों पर लगी पूर्ण रोक हटा दी गई थी। अब हर मामले को अलग-अलग तरीके से परखा जाएगा और यह देखा जाएगा कि उम्मीदवार किन हालातों में उस स्थिति में शामिल हुआ था। जानवरों से जुड़े मामलों में भी अब यही तरीका अपनाया जाएगा।
पीड़ितों को नुकसान से बचाने की कोशिश
जब पटेल से इस विवादास्पद फैसले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि पीड़ितों को उनके अतीत के कारण नौकरी के मौके से वंचित न किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार बीस्टियलिटी और मानव तस्करी के शिकार लोगों को सजा नहीं देना चाहती, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ऐसे लोग सिर्फ अपने अतीत की वजह से FBI में नौकरी पाने के अवसर से अपने आप बाहर न हो जाएं।












