चीन के बढ़ते दबदबे के बीच बदली US की चाल, जयशंकर बोले- ‘अकेली ताकत’ बन रहा अमेरिका?

0
8

नई दिल्ली: जर्मनी में चल रहे 62वें म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया की मौजूदा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी मर्जी से अकेली महाशक्ति बनने की राह पर चल रहा है और चीन का बढ़ता प्रभाव ग्लोबल ऑर्डर को तेजी से बदल रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया का माहौल तीन बड़ी वजहों से बदल रहा है एक तो अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती टक्कर, दूसरा भारत जैसे उभरते देशों का खुद पर ज्यादा भरोसा करना और तीसरा हर देश का खतरा कम करने के लिए नए-नए देशों से दोस्ती बढ़ाना।

उन्होंने कहा कि आज का माहौल साफ बताता है कि अमेरिका में बड़ा बदलाव आया है और यह बदलाव उसी की पसंद का नतीजा है। वाशिंगटन ने जानबूझकर खुद को अकेली ताकत के तौर पर खड़ा किया है।

चीन को बताया अलग तरह का देश

विदेश मंत्री ने चीन के उदय को दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की कुल मैन्युफैक्चरिंग में चीन का हिस्सा करीब एक तिहाई हो गया है और अब उसकी आर्थिक ताकत राजनीतिक ताकत में बदल रही है। चीन खुद को एक अलग तरह का देश मानता है और यह उसकी सोच भी है और सच्चाई भी।

जयशंकर ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच मुकाबला सिर्फ दो देशों तक नहीं है। दोनों देश हर तरह की ताकत को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर भी दोनों के बीच गहरी निर्भरता बनी हुई है।

भारत में आत्मनिर्भरता पर जोर

उन्होंने कहा कि उभरते देश अब अपने हितों को बेहतर समझने लगे हैं और आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। भारत में भी ‘आत्मनिर्भर’ शब्द काफी इस्तेमाल हो रहा है। ये देश भले ही अलग-अलग हों, लेकिन सबका मकसद एक है अपने फैसले खुद लेना और किसी एक पर निर्भर न रहना है। जयशंकर ने कहा कि अब देशों को हर मुद्दे पर एक जैसी सोच की जरूरत नहीं है। कुछ मुद्दों पर सहमति हो तो भी वे साथ काम कर सकते हैं। इसी सोच से एक नई वैश्विक व्यवस्था बन रही है, जहां देश मुद्दों के आधार पर साथ आ रहे हैं।

उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, उत्तरी समुद्री मार्ग, ब्रिक्स, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के गठबंधन का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग देश इसलिए साथ आ रहे हैं क्योंकि उनकी सामूहिक आवाज ज्यादा मजबूत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here