नई दिल्ली: अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में रहने वाले 51 वर्षीय एक कपड़ा व्यापारी के साथ शादी के नाम पर साइबर ठगी का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्नी के निधन के बाद नए जीवनसाथी की तलाश कर रहे व्यापारी ने एक लोकप्रिय गुजराती मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उनका संपर्क कनाडा की रहने वाली एक कथित युवती से हुआ। शुरुआती बातचीत में मामला शादी और निजी जिंदगी से जुड़ा रहा, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी महिला ने पीड़ित का भरोसा हासिल कर लिया। भरोसा मजबूत होते ही पूरी बातचीत का रुख बिजनेस और निवेश की ओर मोड़ दिया गया, जिससे व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
रुपये ऐंठने के बाद तोड़ा संपर्क
व्यापारी ने 1.10 करोड़ रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब व्यापारी ने अपने मूल पैसे और उस पर मिलने वाले मुनाफे की वापसी को लेकर पूछताछ शुरू की, तो सामने वाले का रवैया पूरी तरह बदल गया।
महिला ने अपने सभी फोन नंबर और ऑनलाइन चैट अकाउंट्स बंद कर दिए। संपर्क के सभी रास्ते पूरी तरह ठप होने पर व्यापारी को अहसास हुआ कि वे किसी बड़े साइबर रैकेट का शिकार बन चुके हैं।
फार्मास्युटिकल कच्चे माल में निवेश का दिया लालच
कथित युवती ने व्यापारी को भारत और विदेशों में फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के व्यापार के बारे में बताया। उसने दावा किया कि यदि वे इस विशेष कच्चे माल की सप्लाई और ट्रेडिंग में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें कम समय में कई गुना रिटर्न मिल सकता है।
महिला के आकर्षक प्रस्ताव और मीठी बातों के जाल में आकर व्यापारी भारी मुनाफा कमाने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद कथित फार्मा कारोबार में निवेश के बहाने अलग-अलग बहानों और किस्तों में पीड़ित से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए जाने लगे।
1.10 करोड़ की धोखाधड़ी
इस चौंकाने वाली घटना ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर विशेषज्ञ और पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वैवाहिक प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। विशेषकर यदि सामने वाला व्यक्ति विदेश में रहने का दावा करता हो और किसी भी बहाने से पैसे मांगने या निवेश करने की सलाह देता हो, तो तत्काल सतर्क हो जाएं। किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है। व्यापारी ने अपनी गाढ़ी कमाई और जमापूंजी से कुल मिलाकर 1.10 करोड़ रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे डूबने और धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद पीड़ित व्यापारी ने तुरंत अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी उन बैंक खातों की पड़ताल कर रहे हैं, जिनमें 1.10 करोड़ रुपये की बड़ी राशि जमा कराई गई थी। इसके साथ ही मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल फुटप्रिंट्स, आईपी एड्रेस और ऑनलाइन चैटिंग के रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि इस अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।












