Krishna Janmashtami 2026: आज देश भर में मनाया जायेगा श्री कृष्ण का जन्मदिन, जाने पूजा का सही समय किया है

0
9
Janmashtami 2026
Pinterest

नई दिल्ली: आज देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है. घरों से लेकर मंदिरों तक भक्त भक्ति में डूबे हुए हैं. जन्माष्टमी को कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती और अष्टमी रोहिणी जैसे नामों से भी जाना जाता है. यह पर्व भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में आठवां अवतार लिया था. द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस साल श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है.

जन्माष्टमी पर बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विशेष पूजा की जाती है. भक्त उपवास रखते हैं, मंदिर और पूजा स्थान सजाते हैं और रात में भगवान का जन्मोत्सव मनाते हैं. इस दौरान घरों में भजन-कीर्तन और कान्हा के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है. कई श्रद्धालु आधी रात तक जागकर भगवान के जन्म का इंतजार करते हैं. लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराने के बाद नए कपड़े, मुकुट और आभूषण पहनाए जाते हैं. इसके बाद उन्हें झूले में बैठाकर झुलाया जाता है. आइए जानते हैं आज रात पूजा का शुभ समय, जरूरी सामग्री, पूजा विधि और खास उपाय.

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू हुई है और 5 सितंबर की रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के लिए मध्यरात्रि पूजा का समय रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक है. यानी भक्तों को पूजा के लिए कुल 45 मिनट का शुभ समय मिलेगा. इसी दौरान लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा.

श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, आज रोहिणी नक्षत्र रात 12 बजकर 29 मिनट पर शुरू हो चुका है और रात 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. पूजा के समय रोहिणी नक्षत्र की मौजूदगी को भी खास माना जा रहा है.

कृष्ण जन्माष्टमी की पूजन सामग्री

लड्डू गोपाल की पूजा और श्रृंगार के लिए बाल गोपाल की मूर्ति, झूला, नए वस्त्र, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, चंदन, रोली, अक्षत, धूप, दीपक, कपूर और फूल रखें. अभिषेक के लिए दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार करें. भोग में माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, फल, मिठाई और पान-सुपारी रख सकते हैं. प्रसाद में तुलसी दल शामिल करना भी शुभ माना जाता है. सभी पूजा सामग्री पहले से तैयार रखने पर मध्यरात्रि में परेशानी नहीं होगी.

कृष्ण जन्माष्टमी पर ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा

पूजा वाले दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और सात्विक भोजन करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पूजा स्थान और मंदिर को साफ करके सजाएं तथा लड्डू गोपाल के लिए झूला तैयार करें.

रात में जन्म के समय सबसे पहले भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद पंचामृत से अभिषेक करें और नए वस्त्र, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख व चंदन से उनका श्रृंगार करें. फिर उन्हें झूले में विराजमान कराकर श्रद्धा से झुलाएं. माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, पंचामृत और फलों का भोग लगाएं. भोग में तुलसी दल रखना न भूलें. अंत में धूप-दीप जलाकर आरती करें, अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगें और प्रसाद बांटकर व्रत खोलें. इसके बाद परिवार के सदस्य प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं.

इन दिव्य मंत्रों का करें जाप
कृं कृष्णाय नमः
ऊं देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात
ओम क्लीम कृष्णाय नमः
गोकुल नाथाय नमः
ऊं नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नमः

कृष्ण जन्माष्टमी उपाय

1. जन्माष्टमी की रात लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव के बाद केसर मिले दूध से अभिषेक करें. धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है.

2. रात में श्रीकृष्ण को पान का पत्ता अर्पित करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अगले दिन इसी पत्ते पर रोली से श्री यंत्र बनाकर तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखने से आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here