नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रही जंग को रोकने की कोशिशों में एक बार फिर तेजी आती नजर आ रही है. करीब साढ़े चार साल से जारी इस संघर्ष के बीच अमेरिका की पहल से शांति की नई उम्मीद जगी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया है कि अमेरिकी वार्ताकार आने वाले दिनों में कीव और मॉस्को का दौरा कर सकते हैं. इन मुलाकातों में संभावित शांति समझौते की राह तलाशने पर जोर रहेगा.
जेलेंस्की ने क्या बताया?
जेलेंस्की ने गुरुवार को वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधियों के यूक्रेन दौरे की शुरुआती तारीखें तय हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेन के साथ-साथ रूस में भी बैठक करेंगे. जेलेंस्की के मुताबिक, इन बैठकों का काफी महत्व होगा.अमेरिका दोनों पक्षों के बीच ऐसा रास्ता तलाश रहा है, जिससे युद्ध खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके. हालांकि, बातचीत का नतीजा बैठकों के बाद ही साफ होगा.
पीएम मोदी ने भी पुतिन से की थी शांति की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन युद्ध पर बातचीत की थी. किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक हुई. इस मुलाकात में पीएम मोदी ने युद्ध के मानवीय नुकसान पर चिंता जताई और कहा कि लगातार चलने वाला संघर्ष मानवता को पीछे धकेलता है. पीएम मोदी ने साफ कहा कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता. भारत ने शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों का समर्थन जारी रखने की बात कही.
पुतिन ने भी रखी रूस की स्थिति
पीएम मोदी की अपील के बाद पुतिन ने भी शांति को लेकर रूस का रुख सामने रखा. उन्होंने कहा कि मॉस्को युद्ध खत्म करने और केवल अस्थायी सीजफायर के बजाय स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है. रूस ने शांति प्रक्रिया में शामिल पक्षों से चर्चा की इच्छा जताई है. हालांकि, मॉस्को का कहना है कि किसी भी समझौते में उसके रणनीतिक हितों को ध्यान में रखना जरूरी होगा. अब अमेरिकी प्रतिनिधियों के कीव और मॉस्को जाने की खबर से कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं. आने वाली बैठकों से संकेत मिल सकता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है.











