झारखंड की सनसनीखेज किडनैपिंग केस का खुलासा, जंगल में मिली लाश से जुड़ा था पूरा खेल

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jharkhand crime
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झारखंड के साहिबगंज जिले में हुए एक बेहद चौंकाने वाले अपहरण और हत्याकांड की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है. वारदात को अंजाम देकर कानून की नजरों से बचने के लिए देश की राजधानी में छिपे मुख्य आरोपियों में से एक, सुखदेव मुर्मू उर्फ ताला को पुलिस ने यमुना बाजार इलाके से गिरफ्तार किया है. इस पूरे मामले का सबसे स्याह पहलू यह सामने आया है कि चंद रुपयों या मामूली बात के विवाद में एक सगे भाई ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर अपने भाई की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी थी.

चंपई मरांडी के लापता होने से शुरू हुई मिस्ट्री

घटनाक्रम की शुरुआत साहिबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र से हुई. यहां के निवासी चंपई मरांडी अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे. परिजनों की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की. शुरुआती जांच में ही पुलिस को कुछ संदिग्ध इनपुट मिले, जिससे अपहरण की आशंका गहरा गई. आखिरी बार गांव के ही कुछ युवकों के साथ शराब पीते हुए देखा गया था. इसके बाद स्थानीय पुलिस और खोजी दलों ने पास के घने जंगली इलाके में तलाशी अभियान चलाया। लापता होने के करीब 10 दिन बाद जंगल के भीतर से चंपई मरांडी का शव बरामद हुआ. जिसके बाद इस मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया गया.

मामूली विवाद और अपनों की गद्दारी

आरोपी सुखदेव मुर्मू के मुताबिक घटना वाली रात वह, मृतक का सगा भाई बाबूजी मरांडी और एक अन्य साथी मंगल टुडू मिलकर चंपई मरांडी के साथ शराब पी रहे थे. नशे की हालत में उनके बीच किसी घरेलू या मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि सगे भाई बाबूजी मरांडी और मंगल टुडू ने चंपई को दबोच लिया और उसका गला घोंट दिया. इस खौफनाक वारदात में सुखदेव ने भी उनका पूरा साथ दिया. साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तीनों ने मिलकर शव को रात के अंधेरे में जंगल में फेंक दिया और अगली सुबह ही गांव छोड़कर अलग-अलग राज्यों की तरफ फरार हो गए.

दिल्ली में सीक्रेट इनपुट और जॉइंट ऑपरेशन

आरोपी सुखदेव मुर्मू दिल्ली के यमुना बाजार स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास मजदूरी की आड़ में छिपकर रह रहा था. उसने अनजाने में कुछ स्थानीय लोगों के सामने अपने इस गुनाह का जिक्र कर दिया था जिसकी भनक दिल्ली पुलिस के मुखबिर को लग गई. क्राइम ब्रांच ने तुरंत बोरियो थाना पुलिस से संपर्क कर मामले के दर्ज होने की पुष्टि की. दोनों राज्यों की पुलिस ने आपसी तालमेल बिठाया और यमुना बाजार में कई घंटों तक जाल बिछाकर निगरानी रखी गई. आखिरकार आरोपी सुखदेव को दबोच लिया गया. दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को झारखंड पुलिस के हवाले कर दिया है, जो उसे साहिबगंज ले गई है. पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल मुख्य मास्टरमाइंड और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

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