नई दिल्ली: बेंगलुरु के शांत इलाके बिलेकाहल्ली में 16 सितंबर की शाम एक खौफनाक वारदात से दहल उठी। पिछले तीन महीनों से जारी कड़वाहट और लगातार फोन न उठाने के मामूली शक ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। बिहार से रोजगार की तलाश में आए रंजीत कुमार गुप्ता (40) ने अपनी ही 38 वर्षीय पत्नी गुंजा मद्धेशिया की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, अपनी इस दरिंदगी को आत्महत्या का रूप देने और मृतका की पहचान मिटाने के लिए आरोपी ने खौलता हुआ तेल भी उसके चेहरे पर उड़ेल दिया।
साजिश की सुबह और दुपट्टे से घोंटा गला
वारदात वाले दिन सुबह करीब 9:30 बजे रंजीत हमेशा की तरह काम पर निकलने का नाटक करके घर से बाहर निकला। उस वक्त उनके दोनों बच्चे स्कूल जा चुके थे। कुछ ही मिनटों बाद जब घर में सन्नाटा था, वह दबे पांव वापस लौटा।
गुंजा से किसी बात पर कहासुनी शुरू होते ही उसने मौका पाकर फर्श पर बैठी पत्नी के पीछे से दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया।
चेहरा झुलसाने के बाद रचा आत्महत्या का ड्रामा
आरोपी का हैवानियत भरा दिमाग यहीं नहीं रुका। दोपहर करीब 3 बजे वह दोबारा घर दाखिल हुआ। उसने रसोई में जाकर खाना पकाने का तेल खूब उबाला और फिर अपनी मृत पत्नी के चेहरे पर डाल दिया, ताकि कोई चेहरा न पहचान सके और पुलिस इसे आत्महत्या मान ले।
जब उसे लगा कि चेहरा पूरी तरह से नहीं जला है, तो वह चुपचाप दरवाजा बाहर से बंद करके फिर से काम पर निकल गया। शाम को जब वह वापस लौटा, तो उसने अनजान बनते हुए रोने-धोने का नाटक किया और पड़ोसियों को जमा करके अपनी पत्नी के आत्महत्या करने की झूठी कहानी गढ़ी।
कड़ाई से पूछताछ में खुली पोल
रात करीब 8 बजे जब मकान मालिक को घटना की जानकारी मिली, तो उसने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंचे इंस्पेक्टर नटराज डीएन और उनकी टीम को रंजीत के बयानों और हाव-भाव में गहरा विरोधाभास नजर आया। मकान मालिक से भी पुलिस को यह पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय से झगड़े चल रहे थे। पुलिस ने जब रंजीत को हिरासत में लेकर कड़ाई से सवाल पूछे, तो उसकी बनाई फर्जी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि बिहार से बेंगलुरु आने के बाद से ही उनके बीच अनबन चल रही थी और पत्नी द्वारा फोन न उठाना उसके गुस्से की सबसे बड़ी वजह बना। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उनके दोनों बेबस मासूम बच्चों को रिश्तेदारों के संरक्षण में सौंप दिया गया है।












