नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। रावलकोट शहर में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक टकराव की खबरें सामने आई हैं। आरोप है कि सेना ने आम लोगों के घरों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया और अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सुबह 5 बजे से शुरू हुई गोलीबारी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 5 बजे से रावलकोट के उमर फारूक चौक और आसपास के इलाकों में गोलीबारी शुरू हो गई। उस वक्त प्रदर्शनकारी और आम लोग सड़कों पर थे। आरोप है कि उसी दौरान सेना ने उन पर गोली चलानी शुरू कर दी। कई जगहों पर ड्रोन से हमला भी हुआ। इससे कई घरों में आग लग गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सेना ने जानबूझकर आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि वे सिर्फ अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे, लेकिन जवाब में उन्हें हिंसा मिली। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक विरोध जारी रहेगा। वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
जून से चल रहा है प्रदर्शन
रावलकोट में हुई यह हिंसा अचानक नहीं हुई है। जून 2026 से PoK के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन महीनों में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 153 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, इन आंकड़ों की अभी सरकार की तरफ से पुष्टि नहीं हुई है।
महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब अधिकारों की मांग
शुरुआत में लोग महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरे थे। लेकिन अब यह विरोध सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शनकारी अब राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारों की भी मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि विधानसभा में उन्हें सही प्रतिनिधित्व मिले, स्थानीय संसाधनों पर उनका नियंत्रण हो और उन्हें प्रशासनिक स्वायत्तता दी जाए, यानी अपने मामले खुद संभालने की आजादी मिले।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके इलाके के पानी, खनिज और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल तो हो रहा है, लेकिन उसका फायदा आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा। इसी वजह से उन्हें सरकार और प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ा। फिलहाल रावलकोट में तनाव बना हुआ है। लोगों में डर के साथ-साथ गुस्सा भी है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।











