नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर बड़ा हमला किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी नेतृत्व दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना जता रहा था।
‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के खिलाफ छोटे स्तर पर सैन्य हमले कर रहा था। इन कार्रवाइयों को सीमित और गुप्त रखा गया, ताकि यह संकेत न जाए कि अमेरिका ने अपना सैन्य अभियान दोबारा शुरू कर दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप पर कई धमाके हुए। हालांकि, हमले से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ट्रंप ने जताई थी युद्ध टलने की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ बड़ा युद्ध टल सकता है। उन्होंने तेल की कीमतों में गिरावट को भी इसी उम्मीद से जोड़ा था। इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि तेल का भाव करीब 10 डॉलर प्रति बैरल गिरा है। उन्होंने इसे रिकॉर्ड गिरावट बताते हुए कहा था कि ईरान जल्द से जल्द अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है।
वेंस ने भी समझौते के दिए थे संकेत
हमले की खबर से कुछ घंटे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ कई अच्छी बातचीत हुई है और इस मुद्दे पर उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी बात हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस ने पिछले सप्ताह ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था। हालांकि, उन्होंने पत्र की सामग्री साझा नहीं की। वेंस ने बातचीत में प्रगति का जिक्र करते हुए समझौते की उम्मीद जताई थी।
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के दौरान ट्रंप ईरान पर बड़े हमले से बचते दिखाई दे रहे थे। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखने की बात कही थी। दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव खत्म होने के बाद ट्रंप पर ईरान के खिलाफ एक और बड़ा हमला करने का दबाव बना रहे थे।












