मिडिल ईस्ट तनाव के बीच US का बड़ा दावा, होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए खुला

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US Claims Strait of Hormuz Open
US Claims Strait of Hormuz Open

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि जलडमरूमध्य का दक्षिणी समुद्री मार्ग सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है. हालांकि, समुद्री यातायात अभी सामान्य स्थिति में नहीं पहुंचा है और ईरान-ओमान के बीच इसे लेकर बातचीत जारी है.

अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है. इसका मतलब है कि समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. हालांकि, शिपिंग कंपनियां अभी भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और सामान्य दिनों की तुलना में कम जहाज इस मार्ग से गुजर रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को केवल छह कारोबारी जहाजों के होर्मुज से गुजरने की जानकारी सामने आई. इससे पता चलता है कि रास्ता उपलब्ध होने के बावजूद क्षेत्र में तनाव का असर समुद्री व्यापार पर बना हुआ है.

ईरान और ओमान में बातचीत जारी

होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को सामान्य बनाने के लिए ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है.

प्रस्तावित व्यवस्था में समुद्री यातायात के लिए अलग-अलग लेन निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है. इसके तहत आने और जाने वाले जहाजों के लिए अलग मार्ग रखने की संभावना है.

अमेरिका की क्या है बड़ी शर्त?

अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित और बिना किसी अतिरिक्त रुकावट के जारी रहे। अमेरिका ईरान द्वारा समुद्री मार्ग पर नियंत्रण या किसी तरह का टोल लगाए जाने के पक्ष में नहीं है.

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने साफ किया है कि लंबे समय में सबसे अहम मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. अमेरिका का कहना है कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

फिलहाल पूरी तरह साफ नहीं तस्वीर

अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी रास्ता खुला बताए जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई है. जहाजों की कम आवाजाही और ईरान-ओमान के बीच जारी बातचीत बताती है कि क्षेत्र में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक बातचीत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.

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