नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को सात शर्तें भेजी हैं और साफ चेतावनी दी है कि अगर इन शर्तों को नहीं माना गया तो तेहरान निर्णायक जंग के लिए तैयार है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने बताया कि अमेरिका को सात शर्तें भेजी गई हैं।
इनमें प्रमुख रूप से सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना, रोके गए ईरानी फंड को जारी करना और समुद्री नाकेबंदी हटाना है। रेजाई ने कहा कि ईरान का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और अमेरिका को इन शर्तों को मानना उसके हित में होगा। रेजाई ने बताया कि कतर ने ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा नहीं निकलेगा और ईरान निर्णायक जंग के लिए भी तैयार है।
समझौते की समय-सीमा खत्म होने के बाद तनाव
पिछले महीने एक समझौते (MoU) की समय-सीमा खत्म होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत रुक गई थी। इसके बाद कतर और पाकिस्तान ने दोनों देशों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश शुरू की है। रेजाई ने दावा किया कि ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के पास मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि तेहरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
निर्णायक जंग की चेतावनी
ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में ईरान की कोई भी जवाबी कार्रवाई बड़े पैमाने पर हो सकती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या जंग जल्द खत्म हो सकती है तो उन्होंने कहा कि व्यावहारिक रूप से जंग अब भी जारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है जिसका मकसद टकराव को जल्द से जल्द खत्म करना है।
यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी शर्तें रख दी हैं और अब फैसला वॉशिंगटन के हाथ में है। अगर शर्तें नहीं मानी गईं तो हालात निर्णायक जंग की ओर बढ़ सकते हैं।












