नई दिल्ली: दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच जारी क्षेत्रीय विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। शुक्रवार को फिलीपीन कोस्ट गार्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चीनी कोस्ट गार्ड के एक पोत ने समुद्र में फिलीपींस के एक सरकारी जहाज को जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना तब घटी जब ‘ब्यूरो ऑफ फिशरीज एंड एक्वेटिक रिसोर्सेज’ (BFAR) का जहाज ‘BRP दातुमगत सलामत’ पलावान प्रांत के तट से लगभग 54 नॉटिकल मील दूर स्थानीय मछुआरों की नौकाओं में ईंधन भरने के मानवीय मिशन पर तैनात था। चीन ने फिलीपींस के दावों को खारिज करते हुए घटना को वैध कानून प्रवर्तन अभियान बताया है।
चीन का पलटवार
चीनी तटरक्षक प्रवक्ता के मुताबिक, फिलीपीनी पोत ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जानबूझकर रास्ता बदलकर चीनी जहाज के सामने आने की कोशिश की।
बीजिंग का दावा है कि अधिकारियों ने पेशेवर और मानक नियमों के तहत कार्रवाई की। चीन ने टक्कर और नुकसान की पूरी जिम्मेदारी फिलीपींस प्रशासन पर डाली है।
खतरनाक घेराबंदी
फिलीपीन अधिकारियों ने घटना का एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि चीनी तटरक्षक बल ने कई खतरनाक रणनीतिक हरकतें कीं और अंततः उनके सरकारी जहाज को जानबूझकर टक्कर मार दी। इस आक्रामक टक्कर के कारण फिलीपीनी जहाज की सुरक्षा रेलिंग और डेक के ऊपरी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस समुद्री दुर्घटना के दौरान किसी भी कर्मचारी या मछुआरे को शारीरिक चोट नहीं आई। मनीला ने इसे आजीविका और मानवीय सहायता में लगे जहाजों पर चीनी बल का प्रत्यक्ष हमला करार दिया है।
दक्षिण चीन सागर में बढ़ता तनाव
दक्षिण चीन सागर में इस तरह की खतरनाक झड़पें अब आम होती जा रही हैं। इससे पूर्व जुलाई में भी स्कारबोरो शोल के पास चीनी जहाजों द्वारा फिलीपींस के नावों पर वॉटर कैनन चलाने और सेकंड थॉमस शोल में झड़प के दौरान फिलीपीनी नौसैनिकों पर हमले के आरोप लगे थे। चीन अपनी काल्पनिक ‘नाइन-डैश लाइन’ के आधार पर लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना ऐतिहासिक अधिकार जताता है। इसके विपरीत, फिलीपींस संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCLOS) के तहत अपने 200 नॉटिकल मील के ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) का दावा करता है, जिसे वह ‘वेस्ट फिलीपीन सी’ कहता है।












