नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मरने वालों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि परिवार ने रात में मैगी खाई थी, जिसके बाद सभी सो गए और सुबह मृत मिले। प्रथम दृष्टया इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है।
मृतकों की पहचान 37 साल के महेश, उनकी 35 साल की पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों 11 साल के लड्डू, 7 साल की मिष्टी और 3 साल के साक्षात के रूप में हुई है।
रात में खाई मैगी, सुबह बिस्तर पर मिले मृत
पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह थाना रबूपुरा को सूचना मिली कि नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्य मृत पड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, एम्बुलेंस और फूड सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
ग्रामीणों और महेश की मां ने बताया कि परिवार ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे नूडल्स खाए थे और फिर सो गए थे। सुबह देर तक नहीं उठने पर पड़ोसियों को शक हुआ। घर जाकर देखा तो पांचों बिस्तर पर मृत पड़े थे। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और घर के बाहर भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस का कहना है कि मौत का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और फूड सैंपल की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी।
बता दें, रबूपुरा क्षेत्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है, जब फ्रिज में रखा पपीता खाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं फूड सेफ्टी विभाग के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। अप्रैल से सितंबर के बीच जांचे गए 483 सैंपल में से 247 यानी 51 प्रतिशत फेल पाए गए। सबसे ज्यादा मिलावट पनीर में मिली, जहां 104 में से 90 सैंपल मानक पर खरे नहीं उतरे। दूध, खोया, मसाले और रिफाइंड ऑयल में भी मिलावट के मामले सामने आए हैं।












