भारत में बैन हुआ Gen-Z का फेवरेट Bitchat ऐप, सरकार के कहने पर Apple ने ऐप से हटाया

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नई दिल्ली: दिल्ली में हाल ही में हुए CJP प्रोटेस्ट के दौरान चर्चा में आया Bitchat ऐप अब भारत में बैन हो गया है। बता दें, इस ऐप को भारतीय ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। इस मैसेजिंग ऐप की खासियत थी कि यह बिना इंटरनेट के भी काम करता था, जिसके चलते प्रोटेस्ट के दौरान लुटियंस दिल्ली में नेटवर्क बंद होने पर Gen-Z ने इसका खूब इस्तेमाल किया था।

ऐप के डेवलपर और ट्विटर के को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने खुद इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि भारत सरकार के कहने पर Apple ने यह कार्रवाई की है। Apple की ऐप रिव्यू टीम ने जो नोटिस भेजा है, उसमें साफ लिखा है कि यह कदम IT मंत्रालय MeitY की मांग पर उठाया गया है।

नोटिस में क्या कहा गया?

Apple के नोटिस के मुताबिक, Bitchat में ऐसा कंटेंट है जो भारत में गैरकानूनी है, इसलिए यह ऐप रिव्यू गाइडलाइंस को पूरा नहीं करता। इसके साथ ही नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर डेवलपर को ज्यादा जानकारी चाहिए तो वह सीधे मंत्रालय से संपर्क कर सकता है।

यह पहली बार नहीं है जब इस ऐप पर एक्शन हुआ है। इससे पहले जुलाई में गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने माइक्रोसॉफ्ट की कंपनी GitHub से भी इसे हटाने को कहा था। फिलहाल Bitchat को सिर्फ भारतीय ऐप स्टोर से हटाया गया है, यह दूसरे देशों में उपलब्ध रहेगा, लेकिन भारत में इसका टेस्टिंग वर्जन भी बंद कर दिया गया है।

बिना इंटरनेट कैसे काम करता था Bitchat?

Bitchat एक डिसेंट्रलाइज्ड और पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग ऐप है। इसे इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। यह ब्लूटूथ लो एनर्जी तकनीक पर काम करता है। ऐप आसपास मौजूद डिवाइस को खोजता है और उनके बीच एक पुल बना देता है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अगर A को C को मैसेज भेजना है लेकिन दोनों ब्लूटूथ रेंज में नहीं हैं और बीच में B है जो दोनों की रेंज में है, तो Bitchat B के जरिए एक वर्चुअल नेटवर्क बना देगा। इसमें बीच वाला फोन मैसेज को आगे भेजने का काम करता है, जिसे मेश नेटवर्किंग कहा जाता है।

इसके साथ ही प्राइवेसी का भी इसमें पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें भेजे गए मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, इसलिए बीच में मौजूद डिवाइस भी मैसेज को पढ़ नहीं सकता। यही वजह थी कि प्रोटेस्ट के दौरान जब दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट बंद था, तब यह ऐप लोगों के लिए काफी मददगार साबित हुआ था।

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