धीरेन्द्र शास्त्री के समर्थन में एकजुट हुए संत, राम-कृष्ण को लेकर दिए बयान पर विवाद को बताया राजनीतिक साजिश

0
6

वृंदावन: भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर वृंदावन में संत, धर्माचार्य और भागवत कथा प्रवक्ता उनके समर्थन में एकजुट हुए। रमणरेती स्थित मुरलीवाला होटल में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर धार्मिक बयान को राजनीतिक रंग देने और सनातन धर्म के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इस दौरान मौजूद युवाओं ने धीरेन्द्र शास्त्री के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात भागवत प्रवक्ता डॉ. कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने कहा कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री इन दिनों देशभर में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता और सनातन के प्रति जागरूकता अभियान को कमजोर करने के उद्देश्य से उनके भावनात्मक बयान को अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायियों को ऐसे विवादों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है, बल्कि संत समाज को एकजुट होकर धीरेन्द्र शास्त्री के साथ खड़ा होना चाहिए।

संत गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच कोई भेद नहीं किया है। दोनों ही भगवान ने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए अवतार लिया था। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर बयान को विवाद का विषय बना रहे हैं। पंडित मृदुलकांत शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास करने वाली ताकतों को सनातन प्रेमी मुंहतोड़ जवाब देंगे। धर्म प्रचारक नागेंद्र गौड़ महाराज ने कहा कि संत समाज और भागवत कथा प्रवक्ता पूरी मजबूती के साथ धीरेन्द्र शास्त्री के साथ खड़े हैं। उन्हें कमजोर करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में सुदामा कुटी के श्रीमहंत सुतीक्ष्ण दास महाराज, संजीव कृष्ण ठाकुर, रसराज महाराज, रोहित रिछारिया, विनय त्रिपाठी, शिवम साधक, देवांशु गोस्वामी, संजय हरियाणा, पूर्णेंदु गोस्वामी, स्वामी देवानंद कृष्णानंद महाराज, सुमंत कृष्ण शास्त्री, पूर्ण कौशिक महाराज, मनीष चतुर्वेदी, रामचंद्र दास, गुरु प्रसाद, हरिहर मुद्गल शास्त्री और धनंजय दास सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here