गुजरात के सूरत शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला वकील ने अपने ही सहकर्मी पर पहचान छिपाकर शादी का झांसा देने और यौन शोषण करने का आरोप लगाया हैं. पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, यौन दुराचार और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है.
‘रोहन’ बनकर पांच साल तक किया गुमराह
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रहमान रजाक उर्फ रहमान शेख के रूप में हुई है, जो खुद भी पेशे से वकील है. आरोप है कि रहमान ने पीड़िता से अपनी असली धार्मिक और व्यक्तिगत पहचान छुपाकर खुद को ‘रोहन’ बताया था. धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी होती गई, जिसके बाद उन्होंने मिलकर एक साझा लॉ ऑफिस (वकालत का कार्यालय) भी खोल लिया. कई सालों तक साथ में वकालत की प्रैक्टिस करने के कारण महिला को कभी उसकी असलियत पर शक नहीं हुआ.
पूजा-पाठ और सिंदूर का सहारा लेकर जीता भरोसा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने महिला का विश्वास जीतने के लिए सोची-समझी साजिश रची थी. खुद को हिंदू साबित करने के लिए वह गणेश पूजा और भगवान सत्यनारायण की कथाओं जैसे धार्मिक आयोजनों में न सिर्फ शामिल होता था, बल्कि बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था. महिला का आरोप है कि विश्वास की हद पार करते हुए आरोपी ने उसकी मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र भी पहनाया. इस कदम से महिला को पूरा यकीन हो गया कि रहमान (रोहन) उसे अपनी पत्नी मान चुका है और दोनों जल्द ही कानूनी रूप से विवाह के बंधन में बंध जाएंगे. इसी भरोसे के जाल में फंसाकर वह लंबे समय तक पीड़िता का शारीरिक शोषण करता रहा.
आरोपी निकला शादीशुदा
इस धोखे का पर्दाफाश तब हुआ जब महिला ने इस रिश्ते को सामाजिक और कानूनी मान्यता देने के लिए शादी का दबाव बनाना शुरू किया. इस पर आरोपी ने अचानक अपने तेवर बदल लिए और शादी करने से साफ मुकर गया. उसे पता चला कि जिसे वह ‘रोहन’ समझ रही थी, वह असल में रहमान शेख है और पहले से ही शादीशुदा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी.
















