पटना: पटना में गंगा और पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. दोनों नदियों का पानी लगातार ऊपर जा रहा है और कई इलाकों में बाढ़ का दबाव बढ़ने लगा है. गुरुवार शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह छह बजे के बीच गंगा के जलस्तर में अलग-अलग स्थानों पर चार से 12 सेंटीमीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई. पुनपुन के श्रीपालपुर में तो 12 घंटे में पानी 24 सेंटीमीटर बढ़ गया.
जल संसाधन विभाग की शुक्रवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.36 मीटर पहुंच गया. गुरुवार शाम यह 50.31 मीटर था. यानी रातभर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई. यहां पानी उच्चतम बाढ़ स्तर से सिर्फ 16 सेंटीमीटर नीचे है. वहीं, खतरे के निशान 48.60 मीटर से गंगा 1.76 मीटर ऊपर बह रही है. हाथीदह में भी तेजी से पानी बढ़ा है. यहां गंगा का जलस्तर 43.12 मीटर से बढ़कर 43.24 मीटर हो गया. 12 घंटे में 12 सेंटीमीटर की इस बढ़ोतरी के बाद पानी उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर से महज 28 सेंटीमीटर नीचे रह गया है.
दीघा और मनेर में क्या स्थिति
दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.64 मीटर से बढ़कर 51.68 मीटर हो गया. चार सेंटीमीटर की वृद्धि के बाद भी यहां पानी उच्चतम बाढ़ स्तर से 84 सेंटीमीटर नीचे है. मनेर में स्थिति फिलहाल स्थिर रही. गुरुवार शाम और शुक्रवार सुबह दोनों समय जलस्तर 53.46 मीटर दर्ज किया गया. यहां उच्चतम बाढ़ स्तर 53.79 मीटर है, यानी नदी का पानी इस सीमा से 33 सेंटीमीटर नीचे है.
पुनपुन में तेजी से बढ़ रहा पानी
पुनपुन नदी का जलस्तर गंगा के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा है. श्रीपालपुर में गुरुवार शाम छह बजे पानी 52.92 मीटर था, जो शुक्रवार सुबह छह बजे 53.16 मीटर पहुंच गया. 24 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के बाद भी यह उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 75 सेंटीमीटर नीचे है. हालांकि, खतरे के निशान 50.60 मीटर से नदी 2.56 मीटर ऊपर बह रही है. लगातार बढ़ते जलस्तर से निचले और दियारा क्षेत्रों में परेशानी बढ़ने लगी है.
गांधी घाट और हाथीदह में पानी के उच्चतम बाढ़ स्तर के करीब पहुंचने से निगरानी तेज कर दी गई है. विभाग ने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है. गांधी घाट पर उच्चतम बाढ़ स्तर पार होने की संभावना का पूर्वानुमान भी जताया गया था.












